मुंबई भारत के पास यूपीआई के जरिये 100 अरब से भी अधिक लेनदेन करने की क्षमता है। यह देश में यूपीआई से मौजूदा समय में होने वाले मासिक लेनदेन का 10 गुना होगा। 2016 में एकीकृत भुगतान मंच के तौर पर यूपीआई की शुरुआत के बाद से इससे होने वाले लेनदेन की संख्या अगस्त में 10 अरब के पार पहुंच गई है।