Home » भारत के युवाओं में रोजगार सृजन की अभूतपूर्व क्षमता : धर्मेंद्र प्रधान

भारत के युवाओं में रोजगार सृजन की अभूतपूर्व क्षमता : धर्मेंद्र प्रधान

by Bhupendra Sahu
  • शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए नई दिल्ली में एकजुट हुए गणमान्य लोग
  • प्रायोगिक ज्ञान के माध्यम से बदल जाएगी शिक्षा : छात्रों, शिक्षकों और उद्यमियों को बनाया जाएगा सशक्त

नई दिल्ली,। भारत में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए निर्धारित एक कार्यक्रम में समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जो प्रायोगिक ज्ञान के एक नए युग का मार्ग प्रशस्त करते हैं। ट्रांसफॉर्मिंग एजुकेशन थ्रू एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर आधारित यह कार्यक्रम इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में माननीय केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए।

इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान किए गए समझौता ज्ञापन, शिक्षा क्षेत्र के मुख्य हिस्सेदार, उद्योगपतियों, और सरकारी निकायों को एक साथ लाए, ताकि भारतीय शिक्षा में नवाचार और प्रायोगिक ज्ञान को बढ़ावा मिल सके। ये समझौते छात्रों, शिक्षकों, और उद्यमी तीनों को सशक्त बनाने और शिक्षा के प्रति गतिशीलता और दृष्टिकोण को सुनिश्चित करते हैं। इस कार्यक्रम ने शिक्षा जगत, उद्योग और सरकारी निकायों के बीच विचारों के आदान-प्रदान और सहयोग के लिए एक मंच प्रदान किया। केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धमेंद्र प्रधान ने कहा कि यह आयोजन भारत में शिक्षा के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। हम अपने छात्रों को समग्र और नवीन शिक्षण अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रायोगिक ज्ञान हमारे युवाओं की पूरी क्षमता को अनलॉक करने की कुंजी है, जिससे वे केवल नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनते हैं।

एआईसीटीई चेयरमैन प्रो. टी.जी. सीताराम ने कहा कि एआईसीटीई महत्वपूर्ण सहयोग में शिक्षक दिवस पर उद्योगों के दिग्गजों सेल्सफोर्स, माइक्रोसॉफ्ट, सिस्को और एडोब के साथ जुड़ा है। यह सहयोग इनोवेशन के लिए एक हृदय की तरह काम करेगा। ये समझौता ज्ञापन हमारे शैक्षणिक संस्थानों को उद्योग की जरूरतों के साथ मेल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम का प्रतिनिधित्व करेगा। प्रायोगिक शिक्षा के माध्यम से, हम शिक्षा और उद्योग के बीच के अंतर को कम कर सकते हैं। हमारा दृष्टिकोण युवाओं को निरंतर विकसित होते भविष्य के लिए तैयार करना है। केवल शिक्षा ही पर्याप्त नहीं है, हमें भविष्य की गतिशील दुनिया के लिए छात्रों को व्यावहारिक कौशल से सशक्त बनाना चाहिए। माइक्रोसॉफ्ट के एक प्रतिनिधि ने कहा कि टेक दिग्गज कंपनी अगली पीढ़ी के इनोवेटर्स को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। एआईसीटीई के साथ हमारे सहयोग और इस ऐतिहासिक एमओयू के माध्यम से, हमारा लक्ष्य छात्रों को डिजिटल युग में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए आवश्यक उपकरण और तकनीक प्रदान करना है।
सिस्को प्रतिनिधि ने कहा कि सिस्को का मानना है कि शिक्षा एक व्यापक और परिवर्तनकारी अनुभव होनी चाहिए। एआईसीटीई के साथ हमारी साझेदारी छात्रों को प्रौद्योगिकी-संचालित दुनिया में आगे बढऩे के लिए आवश्यक कौशल से लैस करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। एडोब प्रतिनिधि ने कहा कि एडोब रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। हमें इस प्रयास में एआईसीटीई के साथ हाथ मिलाने पर गर्व है, यह सुनिश्चित करते हुए कि छात्रों के पास उद्योग-मानक रचनात्मक उपकरणों तक पहुंच है जो उनकी कलात्मक और पेशेवर यात्राओं को आकार देगी। यह आयोजन भारत में शिक्षा के विकास पर एक अमिट छाप छोडऩे का वादा करता है, क्योंकि हितधारक देश के उभरते युवाओं के लिए एक उज्जवल मार्ग को रोशन करने के लिए एक ठोस प्रयास में एकजुट हुए हैं।
00

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More