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ईडी अपना मूल काम करती तो रमन, बृजमोहन सभी जेल के सलाखो के पीछे होते – कांग्रेस

by Bhupendra Sahu
  •  ईडी की कार्यवाही को जनता के बीच ले जायेंगे

रायपुर। कांग्रेस ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में किया जा रहा ईडी का दुरुपयोग छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा होगा। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हम ईडी की षडय़ंत्रपूर्ण कार्यवाही को जनता के बीच लेकर जायेंगे। भाजपा छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार के कामों और मुख्यमंत्री की लोकप्रियता से घबराई हुई है। वह नहीं चाहती सरकार के जनकल्याणकारी काम आने वाले चुनावों में मुद्दा बने इसलिये वह ईडी की कार्यवाही करवा कर राज्य में भ्रम का वातावरण बनाना चाहती है। कांग्रेस पार्टी भाजपा के इस षडय़ंत्रों को बेनकाब करेगी तथा हर बूथ तक अपने सरकार की योजनाओं के साथ सरकार के कामों में बाधा पहुंचाने के लिये की जा रही ईडी की कार्यवाही भी मतदाताओं को बतायेगी।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी अपना मूल काम करती तो रमन सिंह, उनके पुत्र अभिषेक सिंह, दामाद पुनीत गुप्ता, बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत, अमर अग्रवाल, अजय चंद्राकर सहित सभी सहयोगी जेल में होते। मोदी सरकार के आधे से ज्यादा मंत्री एवं भाजपा नेता सलाखों के पीछे होते। असल में भाजपा ईडी को राजनैतिक संगठन की तरह इस्तेमाल कर रही।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी का काम मनीलांड्रिंग की जांच करना है। छत्तीसगढ़ में ईडी सीएजी के जैसे काम कर रही है। एक विभाग में गड़बड़ी नहीं पकड़ पाती तो दूसरे विभाग जांच करने पहुंच जाती है। ईडी की छटपटाहट बता रही है कि वह येन केन प्रकारेण राज्य की भूपेश सरकार को बदनाम करने के लिये अवसर खोज रही है। उसे कुछ मिल नहीं रहा तो रोज नयी कहानियां गढ़ कर सरकार की छवि खराब करने स्टोरी प्लांट कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी रमन सिंह सरकार के घोटालों की जांच कब करेगी? 36000 करोड़ का नान घोटाला और 6200 करोड़ का चिटफंड घोटाला रमन सिंह सरकार का वह घोटाला है जिसमें सीधे आम आदमी के साथ लूट की गयी है। इन दोनों ही घोटालों में तत्कालीन सरकार के प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता के प्रमाण भी सामने आये है और इसमें रूपयों का भी लेनदेन हुआ है। किसी भी प्रकार के नगदी अवैध लेनदेन की जांच प्रत्यावर्तन निदेशालय के द्वारा की जानी चाहिये। इन दोनों ही मामलों में पुलिस अपना काम कर रही है और आपराधिक मामलों की जांच भी हो रही। पनामा पेपर के अभिषाक सिंह की जांच कब होगी? रमन सिंह तो स्वयं को ईडी का प्रवक्ता भी घोषित कर चुके है ऐसे में उन्हें स्वयं होकर ईडी से जांच की मांग का समर्थन करना चाहिये। रमन सिंह की घबराहट और बौखलाहट बताती है कि वे जांच की मांग से डर रहे है।

प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि ईडी की कार्यवाही और कार्यप्रणाली दोनों लगातार सवालों के घेरे में रहती है। ईडी बतायें कि पिछले 8 साल में कितने भाजपा और भाजपा के सहयोगी दलों के लोगों के यहां छापे की कार्यवाही की गयी? देश में सारी अनियमितता विरोधी दल के लोग ही कर रहे है, भाजपा और उसके सहयोगी दल के नेता दूध के धुले हुए है? ईडी, आईटी और भाजपा का जो नापाक गठबंधन देशभर में दिख रहा, लोग जानना चाहते है ये रिश्ता क्या कहलाता है? 8 सालो में 6000 छापे मारने वाली ईडी सिर्फ 23 मामलों में ही सबूत दे पाई है मतलब ईडी सिर्फ भाजपा के विरोधियों की छवि खराब करने का काम कर रही।
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