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आजादी के इतने दशक बाद आई है किसानों के दुख दर्द समझने वाली केन्द्र सरकार : मोदी

by Bhupendra Sahu

सीकर । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपनी केन्द्र सरकार को किसान का दुख दर्द समझने वाली सरकार बताते हुए कहा है कि आजादी के इतने दशक बाद यह ऐसी सरकार आई है जो उसकी चिंता समझती है। इसलिए उसने गत नौ वर्षों में लगातार किसान हित में फैसले लिए गए हैं और बीज से बाजार तक किसानों के लिए नई व्यवस्थाओं का निर्माण कर दिया है। मोदी गुरुवार को राजस्थान के सीकर में विभिन्न परियोजनाओं के शिलान्यास एवं उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि खाटू श्यामजी की यह धरती देश भर के श्रद्धालुओं को भरोसा देती है, एक उम्मीद देती है। मेरा सौभाग्य है कि आज मुझे वीरों की भूमि शेखावाटी से, देश के लिए अनेक विकास परियोजनाओं को शुरू करने का अवसर मिला है। आज यहाँ से देश के करोड़ों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के लगभग 18 हजार करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

सीधे उनके बैंक खाते में जमा हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में सवा लाख पीएम किसान समृद्धि केंद्रों की शुरुआत की गई है। गांव और ब्लॉक लेवल पर बने इन पीएम किसान समृद्धि केंद्रों से करोड़ों किसानों को सीधा लाभ होगा। आज डेढ़ हजार से ज्यादा पीएफओ के लिए, हमारे किसानों के लिए ‘ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्सÓ का लोकार्पण भी हुआ है। इससे देश के किसी भी कोने में बैठे किसान के लिए अपनी उपज बाजार तक पहुंचाना और आसान हो जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज ही देश के किसानों के लिए एक नया ‘यूरिया गोल्डÓ भी शुरू किया गया है। इनके अलावा राजस्थान के अलग-अलग शहरों को नए मेडिकल कॉलेज और एकलव्य मॉडल स्कूल का उपहार भी मिला है। उन्होंने कहा मैं देश के लोगों को, राजस्थान के लोगों को और खासकर मेरे किसान भाई-बहनों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं देता हूं, बहुत बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि राजस्थान में सीकर और शेखावाटी का यह हिस्सा एक प्रकार से किसानों का गढ़ है।

यहां के किसानों ने हमेशा ये साबित किया है कि उनकी मेहनत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं है। पानी की कमी के बावजूद यहां किसानों ने धरती से भरपूर फसल लेकर दिखाई है। किसान का सामर्थ्य, किसान का परिश्रम, मिट्टी से भी सोना निकाल देता है और इसलिए हमारी सरकार देश के किसान के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने कहा कि उन्हें याद है, यहां राजस्थान के सूरतगढ़ से ही हमने 2015 में सॉयल हेल्थ कार्ड योजना शुरू की थी। इस योजना के माध्यम से हमने देश के किसानों को करोड़ों सॉयल हेल्थ कार्ड दिए। इन कार्डों की वजह से आज किसानों को मिट्टी की सेहत के बारे में पता चल रहा है, वो उसी हिसाब से खाद का इस्तेमाल कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें खुशी है कि आज फिर राजस्थान की धरती से किसानों के लिए एक और बड़ी योजना शुरू की जा रही है। आज देश भर में सवा लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र राष्ट्र को समर्पित किए गए हैं। ये सभी केंद्र सच्चे अर्थों में किसानों की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेंगे। ये एक तरह से किसानों के लिए वन स्टॉप सेंटर हैं। उन्होंने कहा कि किसान भाई-बहनों को अक्सर खेती से जुड़े सामानों के लिए, दूसरी जरूरतों के लिए अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है। अब किसान को ऐसी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, किसानों को वहां से बीज भी मिलेगा और खाद भी मिलेगा। इसके अलावा खेती से जुड़े औजारों और दूसरी मशीनें भी इस केंद्र पर मिला करेंगी। ये सेंटर खेती से जुड़ी हर आधुनिक जानकारी किसानों को देंगे।

उन्होंने कहा कि किसानों को कई बार योजना की सही जानकारी नहीं होने से भी उन्हें बहुत नुकसान होता है। ये प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र अब किसानों को हर योजना की समय पर जानकारी का भी जरिया बनेंगे। उन्होंने कहा कि यह तो अभी शुरुआत है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे आदत डाले कि उन्हें भले ही किसानी से लेकर कोई चीज खरीदनी नहीं है, लेकिन वे बाजार में गए और उस नगर में अगर किसान समृद्धि केंद्र है, कुछ भी नहीं खरीदना है तो भी वहां चक्कर काटिए। क्या चल रहा है जरा देखिए। हर वैरायटी पर नजर डालेंगे, क्या नया आया है क्या नहीं, देखते रहेंगे। इससे बहुत बड़ा लाभ होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के अंत तक देश में पौने दो लाख से ज्यादा प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र औऱ बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आज केंद्र में जो सरकार है, वो किसानों के खर्चे कम करने के लिए, उनके खर्चों में हाथ बंटाने के लिए पूरी ईमानदारी से काम कर रही है। पीएम किसान सम्मान निधि, दुनिया की सबसे बड़ी योजना है जिसमें किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर किए जाते हैं। आज की चौदहवीं किश्त को जोड़ दें तो अब तक 2 लाख 60 हजार करोड़ से भी ज्यादा रुपए किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजे गए हैं। इन पैसों ने छोटे-छोटे अनेक खर्च निपटाने में किसानों की बड़ी मदद की है। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार कैसे अपने किसान भाइयों के पैसे बचा रही है, इसका एक उदाहरण यूरिया की कीमतें भी हैं। कोरोना की कितनी बड़ी भयंकर महामारी आई, उसके बाद रूस और यूक्रेन का युद्ध हो गया और इसके कारण बाजार में बहुत बड़ी उथल-पुथल हो गई। खास करके फर्टिलाइजर के क्षेत्र में तो तूफान मच गया। लेकिन इसका असर हमारी सरकार ने किसानों पर नहीं पडऩे दिया। उन्होंने कहा कि वह देश के अपने हर किसान भाई-बहन को खाद कीमतों की यह सच्चाई बताना चाहते हैं। आज भारत में यूरिया की जो बोरी हम किसानों को दो सौ छियासठ रुपये में देते हैं उतना ही यूरिया हमारे पड़ोस में पाकिस्तान के किसानों को करीब-करीब आठ सौ रुपए में वो बोरा मिलता है। इसी तरह यह यूरिया बंगलादेश के किसानों को वहां के बाजार में सात सौ बीस रुपए में मिलता है जबकि चीन में किसानों को यह यूरिया 2100 रुपए में मिलती है। उन्होंने कहा कि इतना ही नहीं इस यूरिया की बोरी के लिए अमरीका के किसानों को तीन हजार रुपए से ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं। मोदी ने कहा कि हमारी सरकार, यूरिया की कीमतों की वजह से भारत के किसानों को परेशानी नहीं होने देगी और इस सच्चाई को देश का किसान देख रहा है, हर दिन अनुभव कर रहा है। जब यूरिया खरीदने जाता है ना तो उसे पक्का विश्वास होता है कि यह मोदी की गारंटी है। गारंटी किसको कहते हैं वो किसान को पूछोगे तो पता चलेगा।
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