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छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कृत के संरक्षण के लिए हो रहा बेहतर कार्य- संसदीय सचिव  चिंतामणि महाराज

by Bhupendra Sahu

रायपुर छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् द्वारा आज छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल सभागार पेंशनबाड़ा रायपुर में आयोजित संस्कृत समारोह में उपस्थित अतिथियों संसदीय सचिव श्री चिंतामणि महाराज, अध्यक्ष खनिज विकास निगम श्री गिरीश देवांगन, अध्यक्ष योग आयोग श्री ज्ञानेश शर्मा, अध्यक्ष जीव-जन्तु कल्याण बोर्ड श्री विद्याभूषण शुक्ल, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शर्मा द्वारा वर्ष 2019 एवं 2020 के लिए संस्कृत विद्वानों और वर्ष 2019 के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव श्री चिंतामणि महाराज ने सम्मानित होने वाले सभी विद्वानों और छात्र-छात्राओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस सम्मान से संस्कृत के क्षेत्र में कार्य करने वाले में उत्साह जगेगा। उन्होंने कहा कि भारत की प्रतिष्ठित भाषा देव भाषा संस्कृत है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भी संस्कृति और संस्कृत के संरक्षण तथा विकास के लिए कार्य कर रहें है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने संस्कृति के क्षेत्र में कार्य कर लोंगो के मानस पटल पर लाया है, जिन्हें वे भुल चुके थे। स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल के पाठ्यक्रम में भी संस्कृत का विषय रखा गया है। श्री चिंतामणि महाराज ने सस्कृत भाषा के और अधिक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता बताते हुए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रदेश में संचालित संस्कृत पाठशालाओं में बच्चें और शिक्षक संस्कृत में ही वार्तालाप करें। इसके अलावा छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यालय में आपस में संस्कृत में वार्तालाप करें। कार्यक्रम को अध्यक्ष खनिज विकास निगम श्री गिरीश देवांगन, अध्यक्ष योग आयोग श्री ज्ञानेश शर्मा, छत्तीसगढ़ संस्कृत विद्यामण्डलम् के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शर्मा ने भी सम्बोधित किया।

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