भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना भाजपा की चुनावी रणनीति की दृष्टि से सबसे बड़ा मास्टर स्ट्रोक साबित हो रही है। मुख्यमंत्री प्रदेश की एक करोड़ 26 लाख महिलाओं को एक हजार रुपए की राशिक ी दूसरी किश्त गत दिवस इंदौर में ट्रांसफर कर दी गई है। इसी के साथ आज से विधानसभा में वे कई बड़े ऐलान भी कर सकते हैं। उन्होंने अविवाहित महिलाओं को भी इस योजना से जोडऩे का निश्चय किया है। सूत्रों का कहना है कि अगले महीने रक्षाबंधन का त्यौहार है। संभव है मुख्यमंत्री तीसरी किश्त बढ़ाकर दें। राखी को देखते हुए तीसरी किश्त से लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं को 1500 से 1800 रुपए तक की राशि मिल सकती है। यदि ऐसा हुआ तो कमलनाथ की नारी सम्मान योजना धरी की धरी रह जाएगी।
लाड़ली बहना योजना ने कमलनाथ की रणनीति को पूरी तरह से उलझा दिया है। प्रदेश में सवा करोड़ लाभार्थी महिलाओं का वोट बैंक बनाने का मतलक है कि मुख्यमंत्री ने इतने ही परिवारों को साथ लिया है। महिलाएं परिवार की धुरी होती हैं। उनको अपनी तरफ करने का मतलब है कि मुख्यमंत्री ने एक बड़ा वोट बैंक भाजपा की तरफ मोड़ लिया है। मुख्यमंत्री ने पिछले दिनों अपने निवास पर लाड़ली लक्ष्मी उत्सव मनाया था। इसके तहत लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं से लाभ पाने वाली लक्ष्मियों का सम्मान किया गया। इस योजना को विस्तार देते हुए मुख्यमंत्री ने ग्राम पंचायत स्तर पर लाड़ली लक्ष्मी क्लब, लाड़ली लक्ष्मी उद्यान, लाड़ली लक्ष्मी वृक्ष और लाड़ली लक्ष्मी पथ भी प्रदेश में बनाने के निर्देश दिए हैं। अनेक स्थानों पर इन निर्देशों का क्रियान्वयन भी हो गया है। मुख्यमंत्री ने 2007 में लाड़ली लक्ष्मी येाजना लागू की थी। यह योजना गेमचेंजर साबित हुई। इसके बल पर भाजपा ने 2008 और 2013 में बहुमत प्राप्त किया था।इ स येाजना की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसा हुई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तो जब भी महिलाओं के किसी कार्यक्रम में जाते हैं तो इस योजना का उल्लेख जरूर करते हैं। लाड़ली लक्ष्मी योजना के बाद मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी का दसूरा वर्जन भी लागू किया है। इन योजनाओं को देशभर में मॉडल माना गया है।
स्थिति यह है कि सभी राजनीतिक दल महिला कल्याण की इन योजनाओं को नाम बदलकर अपने घोषणा पत्र में जरुर शामिल कर रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लाभार्थी वोट बैंक की तर्ज पर मध्य प्रदेश में महिला लाभार्थी वोट बैंक तैयार किया है जिसका मुकाबला करना कांग्रेस के लिए आसान नहीं है। उन्होंने नमहिला जन कल्याणकारी योजनाओं की झड़ी के अलावा इस बार प्रदेश का एक तिहाई बजट भी महिलाओं को समर्पित किया। ऐसा करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। राजनीतिक रूप से इसका महत्व इसलिए है क्योंकि महिलाओं में सभी जाति, धर्म और समुदाय कवर हो जाते हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की लाड़ली बहना योजना को सभी राजनीतिक पर्यवेक्षक गेम चेंजर मान रहे हैं।
मुख्यमंत्री आजकल जिस अंदाज में नजर आ रहे हैं उससे साफ जाहिर है कि उनके तरकश में अभी कई तीर बाकी हैं। जाहिर है कांग्रेस के पास मुख्यमंत्री जैसा महिलाओं में लोकप्रिय कोई नेता नहीं है। इस मामले में कमलनाथ उनके समक्ष नहीं ठहरते। मुख्यमंत्री ने 12वीं मेंप्रथम श्रेणी में आने वाली बच्चियों को स्कूटी देने की घोषणा भी की है। इस घोषण से भी भाजपा को वोट बैंक मजबूत होगा। क्योंकि स्कूटी पूरे परिवार के काम आएगी। खास बात यह है कि यह स्कूटर इलेक्ट्रिक होगी यानी पेट्रेाल की बचत और पर्यावरण की दृष्टि से भी यह कदम लाभदाई साबित होने वाला है। इस योजना को भी मुख्यमंत्री का मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है। लाड़ली बहना योजना भले ही एक हजार रुपये से शुरु हुई है, लेकिन कुछ दिन बाद बहनों को हर महीने तीन हजार रुपये दिये जाएंगै। यह बड़ा ऐलान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पिछले महीने जबलपुर में किया था।
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