कोलकाता । कोलकाता. कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान उसका काम मंदा पड़ गया था. बंगाल के हावड़ा के पैंतालीस साल का पिनाकी मंडल अपना परिवार चलाने के लिए ट्रेनों में हॉकरी काम करना शुरू किया था. वह वर्तमान में ओडिशा में रहता था. वहां से वह लंबी दूरी की अलग-अलग ट्रेनों में चाय बेचता था,
लेकिन किसे पता था कि वह अपना काम खत्म करके घर नहीं लौटेगा.इस दर्दनाक ट्रेन हादसे में पिनाकी मंडल की मौत हो गई है. खबर लगते ही हावड़ा के श्यामपुर के पलटबेरिया में मातम पसर गया. घटना में उनकी बेटी वर्षा मंडल टूट गई है.पिनाकी बाबू की पत्नी भी पूरी घटना में अवाक हैं.
उन्हें कैमरे के सामने फूट-फूट कर रोते देखा गया. पिनाकी बाबू की पत्नी ने कहा कि वह अब कह रहा था कि कुछ दिनों के बाद ट्रेन में हॉकरी करना छोड़ देगा, लेकिन कौन जानता था कि ऐसा हो जाएगा.
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