बेंगलुर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले दी गईं पांचों गारंटियों को इसी साल लागू करने का ऐलान किया है। कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में इन 5 गारंटियों को लागू करने का वादा किया था। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने भी पहली कैबिनेट बैठक में इन गांरटियों को लागू करने की मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि सरकार का शुरुआती अनुमान है कि इन चुनावी वादों को पूरा करने से सरकारी खजाने पर सालाना 50,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, हमने कैबिनेट मीटिंग में सभी 5 वादों पर विस्तार से चर्चा की थी। हमने तय किया है कि सभी पांचों गारंटियों को चालू वित्त वर्ष में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा, कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधानसभा चुनाव से पहले गारंटी कार्ड पर हस्ताक्षर करते हुए सभी गारंटियों को प्राथमिकता से लागू करने और इनका लाभ लोगों तक सुनिश्चित कराने का वादा किया था।
कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणापत्र में हर परिवार को 200 यूनिट मुफ्त बिजली, परिवार की प्रत्येक महिला मुखिया को हर महीने 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता और हर गरीबी रेखा से नीचे परिवार को 10 किलोग्राम मुफ्त चावल देने का वादा किया था। पार्टी ने बेरोजगार स्नातकों को 2 साल के लिए 3,000 रुपये और डिप्लोमा होल्डर्स को 1,500 रुपये प्रति माह देने के साथ-साथ महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त सफर का ऐलान भी किया था।
राहुल गांधी ने भी किया था पांचों गारंटियां लागू करने का वादा
20 मई को बेंगलुरू में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया गया, जिसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। इस समारोह को संबोधित करते हुए राहुल ने कर्नाटक में जल्द से जल्द पार्टी द्वारा घोषित की गईं पाचों गारंटियां को लागू करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कर्नाटक में इसलिए जीती क्योंकि वह गरीबों, दलितों, आदिवासियों, वंचितों और पिछड़ों के साथ खड़ी थी।