रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव के नेतृत्व में आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के अध्ययन दौरे पर गई स्वास्थ्य विभाग की टीम ने आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड विश्वविद्यालय (यूओए) का भ्रमण कर विशेषज्ञों से चर्चा की। टीम ने वहां स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के परिमाणों व गुणवत्ता प्रबंधन, स्वास्थ्य विज्ञान तथा व्यवहार विज्ञान के साथ तंबाकू मुक्त जीवनशैली के संबंध में जानकारियों का आदान-प्रदान किया। बहुसंख्यक आबादी तक बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदायगी के लिए नवीन तकनीकों की खोज व अस्पताल प्रबंधन के साथ समन्वय स्थापित कर लोक स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में संसाधनों और कुशल रणनीतियों को विकसित करने की नीति पर भी दोनों देशों के अधिकारियों ने अनुभव साझा किए। ऑकलैंड विश्वविद्यालय सार्वजनिक शोध विश्वविद्यालय है और न्यूजीलैंड के प्रमुख विश्वविद्यालयों में से एक है। अकादमिक प्रतिष्ठा से संबंधित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में यह दुनिया के 100 शीर्ष विश्वविद्यालयों में शामिल है।
स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव
तंबाकू नियंत्रण से संबंधित नीतियों को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर हुई चर्चा
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने आकलैंड विश्वविद्यालय में प्रदेश को तंबाकू मुक्त बनाने में आ रही चुनौतियों तथा तंबाकू उत्पादों के नियंत्रण की दिशा में उठाए गए विभिन्न सामजिक पहलुओं पर विशेषज्ञों के साथ विस्तृत चर्चा की। स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री प्रसन्ना आर. ने तंबाकू नियंत्रण से संबंधित नीतियों व कार्यक्रमों को भविष्य में और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने एवं इसके सेवन से लगातार बढ़ रहे रोगियों की संख्या से अर्थव्यवस्था पर पड़ते बोझ पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने वहां किए गए शोध के आधार पर बताया कि तंबाकू उत्पादों से अर्जित आय से अधिक खर्च इससे होने वाली बीमारियों में हो रहा है। इसे देखते हुए न्यूजीलैंड सरकार ने तंबाकू पर रोक के लिए बहुत ठोस नीति बनाई है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने वहां स्मोक-फ्री जनरेशन की दिशा में उठाए गए क़दमों की जानकारी दी। तंबाकू और धूम्रपान पर नियंत्रण के लिए वहां सामुदायिक स्तर पर बिहेवियर चेंज कम्युनिकेशन पर बल दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि न्यूजीलैंड में किस तरह से तंबाकू के विक्रय को नियंत्रित करने के साथ ही इससे जुड़े उत्पादों में निकोटीन की मात्रा घटाई गई। धूम्रपान मुक्त पीढ़ी तैयार करने के लिए वहां 2009 या उसके बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए तंबाकू उत्पाद के उपयोग/उपभोग/विक्रय को अवैध करार दिया गया है। उन्होंने तंबाकू उत्पादों के लिए लाइसेंस पद्धति और अल्टरनेट कल्टीवेशन पर काम करने की आवश्कता पर बल दिया। ऑकलैंड विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने वर्ष 2025 तक न्यूजीलैंड के स्मोक-फ्री जनरेशन हो जाने की बात कही। स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक श्री भीम सिंह, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के संचालक श्री भोसकर विलास संदिपान, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. कमलेश जैन, ऑकलैंड विश्वविद्यालय के प्रो. क्रिस बुलेन, सह-प्राध्यापक प्रो. नताली वॉकर, डॉ. रोड्रिगो और डॉ. वर्तिका शर्मा भी चर्चा के दौरान मौजूद थीं।