नई दिल्ली वित्त मंत्रालय घाटे में चल रही सार्वजनिक क्षेत्र की साधारण बीमा कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन के आधार पर चालू वित्त वर्ष में 3,000 करोड़ की पूंजी डालने पर निर्णय करेगा।
सूत्रों के अनुसार, वित्त मंत्रालय ने पिछले साल तीनों बीमा कंपनियों नेशनल इंश्योरेंस, ओरिएंटल इंश्योरेंस और यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कारोबार के बजाय मुनाफे पर ध्यान देने को कहा था। साथ ही, बेहतर मूल्यांकन के साथ सिर्फ अच्छे प्रस्ताव पर आगे बढ़ने का निर्देेश दिया था। सूत्रों ने कहा, इन कंपनियों को अपनी अनुमानित देनदारी में सुधार और नियामकीय व्यवस्था के तहत 150 फीसदी की आवश्यकता को पूरा करने के लिए कहा गया है। न्यू इंडिया एश्योरेंस को छोड़कर अन्य सरकारी साधारण बीमा कंपनियों की अनुमानित देनदारी 2021-22 में नियामकीय जरूरत का 150% से कम है।
सरकार अब तक दे चुकी है 17,450 करोड़ रुपये
जानकारी के मुताबिक, सरकार ने पिछले साल तीनों साधारण बीमा कंपनियों को 5,000 करोड़ रुपये की पूंजी उपलब्ध कराई थी। 2019-20 में 2,500 करोड़ रुपये और 2020-21 में 9,950 करोड़ रुपये की पूंजी डाली गई थी। इस तरह, सरकार वित्तीय सेहत में सुधार लाने के लिए इन साधारण बीमा कंपनियों में अब तक 17,450 करोड़ रुपये की पूंजी डाल चुकी है।