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गैस कंपनियां देगी सरकार को डेटा, तब मिलेगी इंदिरा गांधी गैस सिलेंडर योजना की सब्सिडी

by Bhupendra Sahu

जयपुर । राजस्थान में बीपीएल और प्रधानमंत्री उज्जवला योजना से जुड़े परिवारों को 500 रुपए में गैस सिलेंडर लेने के लिए महंगाई राहत शिविर में रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा । खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने बुधवार को इस योजना को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं ।

महंगाई राहत शिविरों में रजिस्ट्रेशन जरूरी
योजना के तहत बीपीएल एवं प्रधानमंत्री उज्जवाल योजना परिवार श्रेणी के परिवारों को गैस सिलेंडर निर्धारित राशि जमाकर गैस एजेंसी से डिलीवरी प्राप्त करने पर 500 रुपये से अधिक भुगतान की गई अंतर राशि परिवार के मुखिया के जनआधार कार्ड से लिंक बैंक खाते में राज्य सरकार की तरफ से जमा कराई जायेगी ।
इसके लिए प्रत्येक उपभोक्ता को एलपीजी आईडी क्रमांक और जनाधार कार्ड के साथ रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। वर्तमान में यह कार्य महंगाई राहत शिविरों में किया जा रहा है, उपभोक्ताओं को इन महंगाई राहत शिविरो में जाकर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। वहीं इस रजिस्ट्रेशन के बाद गैस कंपनियों से प्राप्त ट्रांजेक्शन डाटा के आधार पर एक महीने में दो बार पाक्षिक आधार पर अंतर राशि उपभोक्ता के जनाधार से लिंक बैंक खाते में जमा कर दी जायेगी। अगर गैस एजेंसी के जरिये किसी अन्य उपभोक्ता को सब्सिडी सिलेंडर की डिलीवरी करते हुए पाया गया, तो संबंधित गैस एजेंसी के खिलाफ भी नियमों के तहत कार्रवाई की जायेगी ।
डीओआईटी के सॉफ्टवेयर से होगा राशि का भुगतान
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के लिए डीओआईटी के द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन पोर्टल जिसका भुगतान के लिए आईएफएमएस पोर्टल से इंटीग्रेशन होगा। प्रभारी अधिकारी अपने प्रोग्रामर की सहायता से गैस कंपनियों से लाभार्थियों का मास्टर डेटा प्राप्त किया जायेगा। इसके बाद सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन-पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा । वही इस पोर्टल के बनने में एक से डेढ़ महीने का समय लगने के चलते कोविड के दौरान एक्स ग्रेसिया भुगतान के लिए अपनाई गई अंतरिम व्यवस्था के आधार पर सब्सिडी राशि हस्तांतरित की जायेगी ।
वहीं गैस कंपनियों द्वारा हर महीने के 1 से 15 तारीख तक का लाभार्थियों का मास्टर डेटा 16 तारीख को और 16 से 30 तारीख का मास्टर डेटा 1 तारीख को डीओआईटी को निर्धारित प्रारूप में खाद्य विभाग की तरफ से भेजा जायेगा । साथ ही गैस कंपनियों के जरिये बीपीएल और उज्जवला श्रेणी के लाभार्थियों का डेटा श्रेणीवार और जिलेवार तैयार किया जायेगा।
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