नयी दिल्ली । टाटा स्टील ने 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में समेकित रूप से 1,566 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया जो एक साल पहले इसी अवधि से 84 प्रतिशत कम है। एक साल पहले की अवधि में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 9,835 करोड़ रुपये था। टाटा स्टील का चौथी तिमाही का राजस्व 62,962 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले की इसी अवधि के 69,323 करोड़ रुपये से 9.2 प्रतिशत कम है। कंपनी का ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले का लाभ (एबिडटा) आलोच्य तिमाही में सालाना आधार पर 52 प्रतिशत घटकर 7,225 करोड़ रुपये रहा और परिचालन मार्जिन एक साल पहले की अवधि के 21.7 प्रतिशत से घटकर 11.5 प्रतिशत रही।
इस दौरान कंपनी की स्टील बिक्री इससे पिछली तिमाही से नौ प्रतिशत बढ़ कर 51.5 लाख टन रही।
कंपनी के जारी तिमाही वित्तीय परिणामों के पर टाटा स्टील के मुख्य कार्यपालक अधिकारी टी वी नरेंद्रन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक ने कहा कि भारत में उनके कच्चे इस्पात का उत्पादन पूरे वित्तीय वर्ष में लगभग 1.99 करोड़ टन रहा जो कंपनी समूह के कुल समेकित उत्पादन का 65 प्रतिशत है। घरेलू बिक्री सालाना आधार पर 11 प्रतिशत ऊंची रही।
टाटा स्टील का शुद्ध कर्ज वित्त वर्ष के दौरान करीब 3,900 करोड़ रुपये घटकर 67,810 करोड़ रुपये रहा।
विज्ञप्ति के अनुसार पूरे 2022-23 के लिए टाटा स्टील का समेकित राजस्व 2,43,353 करोड़ रुपये था। कंपनी ने कहा कि दुनिया के बाजार में अस्थिरता के बावजूद कंपनी का समेकित राजस्व एक साल पहले के स्तर पर रहा।
कंपनी का समेकित एबिडटा 32,698 करोड़ रुपये तथा कर के बाद समेकित लाभ 8,075 करोड़ रुपये रहा।
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