जम्मू-कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के पुंछ में तोता गली इलाके में भट्टा डूरियन जंगल के पास भारतीय सेना के जवान के ईंधन वाहन पर मूसलाधार बारिश और रोशनी कम होने की वजह से आतंकवादियों ने फायदा उठाकर ट्रक पर हमला बोल दिया जिसमें 5 जवान शहीद हो गए । सूत्रों की माने तो आतंकवादियों ने ट्रक पर ग्रेनेड से हमला किया था। इस क्षेत्र में काउंटर टेररिस्ट ऑपरेशन के लिए तैनात राष्ट्रीय राइफल्स यूनिट के पांच कर्मियों ने दुर्भाग्य से इस घटना में अपनी जान गंवा दी है।एक अन्य गंभीर रूप से घायल सैनिक को तुरंत राजौरी के सेना अस्पताल ले जाया गया और उसका इलाज चल रहा है।अपराधियों का पता लगाने के लिए अभियान जारी है। देर शाम पूरी जानकारी मिली आतंकवादियों ने हमला किया है सेना को ऐसा लग रहा था कि बिजली गिरने से ट्रक में आग लगी है क्योंकि पिछले दिनों भी बिजली गिरने से भारतीय सेना के जवान शहीद हुए थे।
लेकिन सूत्र की माने तो 3 बजे राजौरी सेक्टर में भीमबेर गली और पुंछ के बीच चल रहे सेना के एक वाहन पर भारी बारिश और कम दृश्यता का फायदा उठाते हुए अज्ञात आतंकवादियों ने गोलीबारी की। आतंकवादियों द्वारा ग्रेनेड के संभावित उपयोग के कारण वाहन में आग लग गई। घटनास्थल पर भारतीय सेना के जवान तुरंत पहुंचे और बिजली गिरने की वजह से इंधन वाहन में लगी आग को जो भी सुविधाजनक व्यवस्था हो सकी उससे जवान को बचाने का प्रयास किया । हादसे में एक घायल जवान को उपचार के लिए जल्द से जल्द अस्पताल भेजा गया और उनका इलाज चल रहा है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बिजली गिरने से ट्रक में आग लगी लेकिन सूत्रों का कहना है कि आतंकवादियों ने ट्रक पर हमला किया था जिसकी वजह से यह घटना घटी । पूरे इलाकों को सील कर दिया गया है और आतंकवादियों की खोज शुरू कर दी गई है । जहां हादसा हुआ, वो इलाका पुंछ से 90 किलोमीटर दूर है।
सेना के ट्रक में आग लगने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और आग काबू करने में मदद की। क्योंकि बिजली की वजह से ट्रक में आग लगने की संभावना इसलिए भी प्रबल लग रही थी क्योंकि इसी साल 11 जनवरी को जम्मू और कश्मीर के कुपवाड़ा के माछिल सेक्टर में सेना का अफसर और 2 जवान शहीद हो गए थे। ये तीनों भारतीय सेना की चिनार कॉर्प्स के सैनिक थे। एक (जूनियर कमीशंड ऑफिसर) और 2 (अन्य रैंक) का ये दल रेगुलर ऑपरेशन के लिए निकला था। बर्फ के कारण उनकी गाड़ी फिसलकर गहरी खाई में गिर गई थी। पिछले साल दिसंबर में सिक्किम के जेमा में आर्मी का ट्रक खाई में गिर गया था, इसमें 16 जवान शहीद हो गए थे। आर्मी की दो वैन और थी। तीनों वाहन चटन से थंगू के लिए निकले थे।
रास्ते में ट्रक एक मोड़ पर फिसलकर खाई में जा गिरा। इस हादसे में 4 जवान गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिन्हें बाद में एयरलिफ्ट किया गया था। वही पिछले साल नवंबर में भी कुपवाड़ा के माछिल इलाके में 3 जवान हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। 2 जवानों को बर्फ के नीचे से सुरक्षित निकाला गया था। जब हादसा हुआ तब 56 राष्ट्रीय रायफल्स के पांच जवान रूटीन गश्त पर थे। हादसे की जानकारी मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया, लेकिन जब तक जवानों को निकाला गया, तब तक 3 की मौत हो चुकी थी।
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