लखनऊ । पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता विरोधी दल अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सत्ता में आई तो उसने अपना पुराना चाल चरित्र ही बदल दिया है। हत्या, लूट, बलात्कार और रंगदारी मांगने में ही भाजपाई नेताओं, मंत्री, सांसद, विधायक से लेकर कार्यकर्ता तक इसमें जुटे हैं। मुख्यमंत्री अपराधियों को मिट्टी में मिलाने के हवाई दावे करते नहीं अघाते लेकिन अपने अपराधी मित्रों-साथियों की तरफ बुलडोजर भेजने की हिम्मत वे भी नहीं जुटा पा रहे हैं। इसलिए उत्तर प्रदेश में अपराध बढ़ रहे हैं। प्रदेश अराजकता की दिशा में बढ़ रहा है।कौशाम्बी में भाजपा युवा मोर्चा के जिला मंत्री ने साथियों के साथ मिलकर मंझनपुर में एक रेस्त्रां संचालक को पीटने के साथ लूटपाट भी की।
सोने की चेन और एक लाख नकद भाजपाई लूट ले गए। आगरा में भाजपा युवा मोर्चे के महानगर अध्यक्ष पर डकैती और एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ है। एक नायक सूबेदार पर हमले का भी आरोप है।सीतापुर में भाजपाई ब्लाक प्रमुख के भाई की गुंडागर्दी तो खुलेआम देखी गई। एम्बूलेंस के सामने अपनी गाड़ी न हटाने से मरीज की मौत हो गई। इस पर शर्म करने के बजाय वह सरेराह गालियां बकते रहे। मृतक के साथ आए तीमारदार को मिट्टी में मिला देने की धमकी देते रहे।
बांदा में भाजपा युवा मोर्चा के नेता पर रंगदारी मांगने का मुकदमा दर्ज हुआ है। पहाड़ खनन पट्टा में अपना हिस्सा-रंगदारी में एक लाख रूपया मांगते भाजपाई नेता को षर्म नहीं आई। सच तो यह है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और पुलिस की सांठगांठ से भाजपा राज – सीजन-2 की पटकथा लिखी जा रही है। जिसके मुख्य अध्याय हैं। फर्जी मुकदमों का जाल, वसूली का दबाव, बुलडोजर का डर, अपहरण-फिरौती, एनकाउंटर की धमकी आदि। भाजपा सरकार में अपने मुकदमें खुद वापस लेने वालों से आपराधिक चरित्र के भाजपाइयों पर कोई कार्रवाई होने की उम्मीद कैसे की जा सकती है?