नयी दिल्ली । गैसों के अति शीतल (क्रायोजेनिक) अवस्था में भंडारण, वितरण और पुनर्गैसीकरण के टैंक और उपकरण बनाने वाली भारतीय कंपनी आईनॉक्ससीवीए ने बडोदरा (गुजरात) में सावली में अपने नये काखाने का निर्माण-कार्य शुरू किया है। यह इस क्षेत्र में विश्व की अग्रणी कंपनियों में स्थान रखती है।
कंपनी ने जारी एक विज्ञप्ति में कहा कि सावली में 200 करोड़ रुपये के निवेश से बनाए जा रहे नए कारखाने के भूमिपूजन समारोह की अध्यक्षता कंपनी के निदेशक सिद्धार्थ जैन ने की। कंपनी ने कहा है कि यह कारखाना 30 एकड़ क्षेत्र में लगाया जा रहा है और यह देश में क्रायोजेनिक उपकरणों (टैंक) के निर्माण का सबसे बड़ा कारखाना होगा।
इस कारखाने में सालाना 20 हजार टन स्टेनलेस स्टील का फैब्रिकेशन करने की सुविधा होगी और वहां से हर साल 2500 क्रायोजेनिक उपरकण विनिर्मित किए जा सकेंगे।
इस कारखाने के लिए गुजरात सरकार और कंपनी के बीच गत 20 फरवरी को मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की उपस्थिति में समहमति ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे।
नये कारखाने से देश में लिच्डि नाइट्रोजन, लिच्डि आर्गन, लिच्डि कार्बन डाइऑक्साइड और लिच्डि मेडिकल ऑक्सीजन जैसी क्रायोजेनिक गैसों के भंडारण और परिवहन समाधानों के विनिर्माण की क्षमता बढ़ेगी। इससे देश के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में भी मदद मिलेगी। श्री जैन ने कहा कि इस अत्याधुनिक क्रायोजेनिक उपकरण कारखाने से गुजरात में रोजगार के अवसरों का भी विस्तार होगा।
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