नई दिल्ली । केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के चेयरमैन विवेक जौहरी ने कहा कि जीएसटी वसूली बढ़ाने के लिए बिना रसीद लाखों रुपये का सामान बेचने वाले दुकानदारों से जीएसटी का काफी नुकसान हो रहा है। उन्हें भी जीएसटी के दायरे में लाने की जरूरत है।
बिजनेस-टु-बिजनेस (बी2बी) दुकानों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि जिनकी रोजाना बिक्री लाखों में है, लेकिन वे रसीद नहीं दे रहे हैं और नकद में कारोबार कर रहे हैं, ऐसे बी2बी व्यवसाय चिंता का विषय हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे क्षेत्र भी हैं, जिन्हें सीबीआईसी की ओर से पहचान करना बाकी है। ऐसे क्षेत्र में जो व्यापारी नकदी में सामान बेचकर रसीद नहीं देते हैं, उससे जीएसटी का नुकसान हो रहा है। हमें उनसे चर्चा करनी होगी। हम इस व्यवहार को कैसे बदल सकते हैं, इस पर भी मंथन चल रहा है। इसे बदलने की जरूरत है क्योंकि यह देश और समाज दोनों के हित में नहीं है।