नई दिल्ली। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप के गौतम अडाणी घिरते नजर आ रहे हैं। एक तरफ रविवार को संसद में जमकर हंगामा हुआ वहीं एक रिपोर्ट ने सनसनीखेज खुलासा किया है। रिपोर्ट में बताया गया कि सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने 21000 करोड़ (2.6 अरब डॉलर) रुपये का लोन अडानी ग्रुप की फर्मों को दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को नियमों के तहत जितना कर्ज देने की अनुमति है ये रकम उसकी आधी है। रिपोर्ट के मुताबिक, उसे यह जानकारी कुछ लोगों ने न पहचाने जाने की शर्त पर दी है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक, स्क्चढ्ढ के प्रतिनिधि ने लोन की बात पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया था।
विभिन्न बैंकों द्वारा गौतम अडानी की कंपनियों को दिया गया लोन अमेरिका में आधारित हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद शेयरों में आई गिरावट की वजह से निगरानी में आया है। ष्टह्म्द्गस्रद्बह्ल स्ह्वद्बह्यह्यद्ग की वेल्थ यूनिट्स और सिटीग्रुप इंक ने ग्रुप से कोलेटरल के तौर पर सिक्योरिटीज को मंजूर करने को रोक दिया है। अडानी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और रिपोर्ट को फर्जी करार दिया है। दूसरी तरफ, पंजाब नेशनल बैंक ने अडानी ग्रुप को 70 बिलियन रुपये का लोन दिया है। पिछले महीने बैंक के चीफ एग्जीक्यूटिव अतुल गोयल ने यह जानकारी दी थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एसबीआई द्वारा अडानी को दिए गए पैसों (श्व&श्चशह्यह्वह्म्द्ग) में इसकी विदेशी इकाइयों से 200 मिलियन डॉलर भी शामिल हैं। एसबीआई के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने गुरुवार को कहा कि उथल-पुथल से प्रभावित अडानी समूह की कंपनियां कर्ज चुका रही हैं और बैंक ने अब तक जो कुछ भी उधार दिया है, उसमें तत्काल उन्हें कोई चुनौती नहीं दिख रही है। ब्लूमबर्ग ने एक सूत्र के आधार पर ये जानकारी दी है।
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