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वैश्विक आर्थिक सुस्ती के बीच दुनिया को भारत के जी20 नेतृत्व पर बहुत भरोसा: आईएमएफ प्रमुख

by Bhupendra Sahu

वाशिंगटन। अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष की प्रबंध निदेशक क्रिस्टलिना जॉर्जीवा ने कहा है कि दुनिया में लगातार आर्थिक सुस्ती और सामाजिक तनाव की स्थिति बने रहने के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय को जी-20 समूह में भारत के नेतृत्व पर बहुत भरोसा है। जॉर्जीवा ने बृहस्पतिवार को एक मीडिया गोलमेज सम्मेलन के दौरान संवाददाताओं से कहा, जी20 समूह का अध्यक्ष भारत वैश्विक औसत से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक बना हुआ है। भारत ने गत एक दिसंबर को औपचारिक रूप से जी20 समूह की अध्यक्षता संभाली थी।

जॉर्जीवा ने कहा, हम जी20 के अध्यक्ष के रूप में भारत के नेतृत्व पर बहुत भरोसा करते हैं। क्योंकि यह दुनिया के लिए एकीकृत वैश्विक अर्थव्यवस्था की रक्षा कर अपनी बेहतरी को बचाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण समय है। मुझे उम्मीद है कि भारत हमें एक साथ बनाकर रखते हुए वह व्यापक वैश्विक सेवा कर पाएगा।
उन्होंने डिजिटलीकरण की दिशा में भारतीय प्रयासों की सराहना करते हुए कहा, भारत के लिए यह बहुत अच्छी तरह काम कर रहा है कि उसने कोविड-19 महामारी से तेज हुए डिजिटलीकरण को किस तरह अंजाम दिया है। डिजिटलीकरण सार्वजनिक नीति और निजी क्षेत्र के विकास दोनों के लिए एक मजबूत तुलनात्मक लाभ का बिंदु साबित हुआ है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल पहचान और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के मेल से भारत को नीतिगत समर्थन डिजिटल मंचों पर स्थानांतरित करने की सुविधा मिली है। उन्होंने कहा, इससे भारत उन लोगों को बहुत अच्छी तरह लक्षित कर पाता है जो समर्थन पाने के हकदार हैं। प्राथमिकता के आधार पर और बेहद असरदार ढंग से टीकाकरण करना भी इसका एक ज्वलंत उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के लिए भी डिजिटलीकरण का अभियान काफी मददगार साबित हुआ है। उन्होंने कहा, यह ब्रांडेड वित्तपोषण और उद्यमों के बहुत तेजी से विस्तार के लिए एक उर्वर जमीन बन गया है। भारत तुलनात्मक ताकत बनाने के लिए इसे जी-20 तक एक क्षेत्र के रूप में ले जाने का इरादा रखता है।
आईएमएफ प्रमुख ने कहा कि सार्वजनिक मंच पर डिजिटलीकरण का निर्माण करना, सार्वजनिक डिजिटलीकरण की लागत को कम करने वाला सार्वजनिक ढांचा खड़ा करना और वृद्धि एवं रोजगार के एक स्रोत के रूप में इसके इस्तेमाल के तरीके चिह्नित करना जी20 की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि भारत ने कुछ कष्टसाध्य सुधार किए हैं जिनका अब उसे फायदा मिल रहा है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आज के दौर में भारत को घरेलू कारकों से अधिक चिंता बाकी दुनिया में हो रही घटनाओं की है।
जॉर्जीवा ने कहा, भारत निश्चित रूप से एशिया में हो रही घटनाओं से प्रभावित होता है। उसके पड़ोसी देश श्रीलंका और पाकिस्तान अस्थिर बने हुए हैं। चीन का भी इतने नाटकीय रूप से धीमा हो जाना पूरे एशिया को प्रभावित कर रहा है।
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