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सहकारिता लाभ का व्यवसाय नहीं बल्कि सेवा का कार्य: बैजनाथ चन्द्राकर

by Bhupendra Sahu

रायपुर । अपेक्स बैंक अध्यक्ष बैजनाथ चन्द्राकर ने छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी संघ, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्या, रायपुर व जिला सहकारी संघ रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में 69वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह के समापन कार्यक्रम में कहा कि सहकारिता लाभ का व्यवसाय नहीं बल्कि सहकार कल्याण करने का कार्य करती है। उन्होंने कहा कि अमूल, इफको, कृभको, नेफेड जैसी राष्ट्रीय स्तर की संस्थाएं भारत में ही नहीं बल्कि विश्व में अपनी सेवा और क्वालिटी के कारण प्रसिद्ध है। छत्तीसगढ़ की सहकारिता को भी इस स्तर तक पहुंचाने के लिए सहकार की भावना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ की सरकार, सहकार के साथ सामंजस्य स्थापित कर गांव, गरीब और किसानों की मदद करना चाहती है।

जिसका परिणाम है कि गोबर एवं गोमूत्र खरीदी कर सहकारिता के माध्यम से किसानों के खेतों तक जैविक उत्पाद उपलब्ध कराने का काम हो रहा है। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए सहकारीजनों की उपस्थिति में सहकारिता आन्दोलन को गति देने तथा सहकारिता को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सहकारी केंद्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष श्री पंकज शर्मा ने की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद अध्यक्ष श्री सुरेंद्र शर्मा, विशिष्ट अतिथियों में राज्य सहकारी संघ उपाध्यक्ष रविन्द्र सिंह भाटिया, जिला पंचायत रायपुर की पूर्व अध्यक्ष श्रीमती शारदा वर्मा, राज्य संघ विशेषज्ञ संचालक हरिश तिवारी, मानसेवी संचालक अश्विनी बबलू त्रिवेन्द्र एवं श्रीमती शोभा चाहिल उपस्थित थे।

छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने छत्तीसगढ़ में सहकारिता के जनकों में से एक वामन राव लाखे द्वारा सहकारिता के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को याद किया। उन्होंने सहकारिता को सुख-दुःख बांटने का जरिया बताते हुए हर संकट के दौर को सहकारिता से दूर कर आर्थिक, सामाजिक विकास की ओर अग्रसर होने का आवाहन किया। जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक रायपुर के अध्यक्ष श्री पंकज शर्मा ने ग्रामीणजन तक पहुचने के दो मार्ग पंचायत और सहकारिता को बताते हुए कहा कि देश के निर्माण में सहकारिता क्षेत्र में अमूल और महाराष्ट्र की शक्कर सहकारिताओं का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने कहा कि धान के कटोरे छत्तीसगढ़ की सरकार ने किसानों का कर्ज माफ करके तथा उनकी फसलों की पूरी कीमत देकर उन्हें समृद्ध बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। राज्य सरकार का यह कार्य देश में कृषि माडल का उदाहरण बनता जा रहा है। आने वाले समय में सभी पैक्सों को कम्प्यूटरीकृत कर डिजिटीलाईज किया जावेगा, जिससे समिति के कार्याे में पारदर्शिता आयेगी।

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