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व्यापार मेले में जीएसटी एवं सीमा शुल्क और सीबीडीटी पवेलियन

by Bhupendra Sahu

नयी दिल्ली । केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने सीमा शुल्क अधिनियम 1962 के 60 साल की थीम के साथ 41वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में जीएसटी एवं सीमा शुल्क पवेलियन और केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने करदाता लाऊंज की स्थापना की है।
सीबीआईसी के पवेलियन का उद्घाटन सीबीआईसी के अध्यक्ष विवेक जौहरी ने किया जबकि करदाता लाऊंज का शुभारंभ सीबीडीअी के अध्यक्ष नितिन गुप्ता ने शुभारंभ किया। श्री जौहरी ने सीमा शुल्क अधिनियम के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक प्रतीक चिन्ह (लोगो) का भी अनावरण करते हुये अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का समावेश करके सीमा शुल्क विभाग द्वारा सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को परेशानी मुक्त और स्वचालित बनाने की दिशा में किए गए विभिन्न उपायों पर प्रकाश डाला।

श्री जौहरी ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा शुल्क विभाग को अनुपालन मामलों में सूत्रधार के रूप में और राष्ट्र की आर्थिक सीमाओं के प्रहरी के रूप में भी दोहरी भूमिका निभानी होती है, जो इसके लोगो के टैगलाइन सेवार्थ रक्षार्थ में अच्छी तरह से परिलक्षित होता है। उन्होंने सीबीआईसी में करियर के अवसरों के बारे में जानकारी देने हेतु जीएसटी एवं सीमा शुल्क पवेलियन में स्थापित अपनी तरह के पहले विशेष काउंटर के बारे में भी बताया।
इस अवसर पर, करदाताओं की जागरूकता के लिए जीएसटी एवं सीमा शुल्क प्रक्रियाओं से संबंधित 4 ट्यूटोरियल वीडियो भी जारी किए गए। प्रगति मैदान स्थित आईटीपीओ कॉम्प्लेक्स के हॉल नंबर 5 में चल रहे जीएसटी एवं सीमा शुल्क पवेलियन में जीएसटी, सीमा शुल्क, जीएसटी नेटवर्क और आईसगेट के विशेषज्ञों द्वारा संचालित छह हेल्पडेस्क हैं, जो करदाताओं और जनता को नियमों/प्रक्रियाओं के बारे में मार्गदर्शन करने और उनकी समस्याओं का वहीं पर निदान करने में मदद करते हैं। विभिन्न डिजिटल स्क्रीन पर कर प्रशासन और करदाताओं की सुविधा एवं प्रक्रिया स्वचालन के क्षेत्र में जीएसटी एवं सीमा शुल्क विभाग की उपलब्धियों और विशेष पहल को प्रदर्शित करने के अलावा, धरोहर (सीमा शुल्क एवं जीएसटी का राष्ट्रीय संग्रहालय, गोवा) के स्मृति चिन्ह/माल की बिक्री के लिए एक विशेष काउंटर है।
हॉल नंबर 5 में ही आयकर विभाग का भी पवेलियन है जहां करदाताओं को पैन आधार को जोडऩे के साथ ही आयकर से जुड़ी विभिन्न जानकारियां दी जा रही है।
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