- टैगोर इंटरनेशनल स्कूल सकरी को मिलेगा राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार
रायपुर । भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती बाल दिवस के अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने आज राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज परिसर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आडिटोरियम में छत्तीसगढ़ के 11 जिलों के 26 स्कूलों को राज्य स्तरीय स्वच्छता पुरस्कार से सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन यूनिसेफ और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इसमें ओवरऑल परफॉर्मेंस पर 20 स्कूलों को और उप-श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए छह स्कूलों को सम्मानित किया गया।

स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए विद्यालयों के बीच प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाती है। विद्यालयों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी बालक, पालक और स्कूल प्रशासन की होती है। जिन स्कूलों में इन तीनों की एक समान सहभागिता होती है, वहां चारो तरफ स्वच्छता व हरियाली विद्यमान होती है। उन्होंने कहा कि साफ-सफाई कोई एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि ये घर, समाज, समुदाय और देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी है। हमें स्वच्छता के महत्व और फायदों को समझना चाहिए। स्वच्छता की कमी से खतरनाक संक्रमित रोग एवं जानलेवा बीमारियां फैलती है। स्वच्छता को हमें अपने दैनिक जीवन में अपनाना चाहिए।

डॉ. टेकाम ने कहा कि प्रदेश के लिए गर्व की बात है कि बिलासपुर जिले के टैगोर इंटरनेशनल स्कूल सकरी तखतपुर को भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा 19 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित किए जाने वाले राष्ट्रीय स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार के लिए चुना गया है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्तर के इस पुरस्कार के लिए देश भर के 39 स्कूलों को राष्ट्रीय पुरस्कार 2022 के लिए चुना गया है। डॉ. टेकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ के 55,217 स्कूलों सहित देश भर के लगभग आठ लाख स्कूलों ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार, 2021-22 में भाग लिया है। छत्तीसगढ़ राज्य ने स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार 2021-22 में अधिकतम स्कूल भागीदारी के लिए 97.7 प्रतिशत आवेदन जमा करने के रिकॉर्ड के साथ देश में तीसरा स्थान हासिल किया है।
प्रबंध संचालक समग्र शिक्षा श्री नरेंद्र कुमार दुग्गा ने बताया कि यह पुरस्कार दो श्रेणियों में दिया जाता है, जिसमें सभी उप-श्रेणियों (कुल स्कोर) में समग्र प्रदर्शन और प्रत्येक उप-श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन अर्थात पानी, शौचालय, धुलाई, संचालन रख-रखाव, क्षमता निर्माण और व्यवहार परिवर्तन और कोविड-19 की तैयारी के लिए दिया जाता है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्वच्छता के लिए जिला स्तर, विकासखण्ड स्तर और संकुल स्तर पर स्वच्छता की प्रतियोगिता होनी चाहिए। जिससे अगले वर्ष और अधिक बेहतर परिणाम मिलेंगे। कार्यक्रम को यूनिसेफ के राज्य प्रमुख श्री जाब जकारिया ने भी सम्बोधित किया।