जयपुर । दौसा जिले के बांदीकुई थाना अंतर्गत जस्सा पाड़ा गांव के 200 फीट गहरे खुले बोरवेल में गिरी 2 वर्षीय बालिका को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं सिविल डिफेंस की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जिसे फिलहाल चिकित्सकीय देखरेख के लिये अस्पताल में भर्ती कराया गया। एसडीआरएफ के कमांडेंट राजकुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को बांदीकुई क्षेत्र के जस्सा पाड़ा गांव में 200 फिट खुले बोरवेल को मिट्टी से भरा जा रहा था। जिसे लगभग 120 तक भरा जा चुका था। इसी दौरान देवनारायण गुर्जर की 2 वर्षीय बेटी अनीता खेलते समय खुले बोरवेल में गिर गई। जिला कलेक्टर दौसा से मिली सूचना पर जयपुर में तैनात ए कंपनी की 3 रेस्क्यू टीम व दौसा और नारेली अजमेर में तैनात रेस्क्यू टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
एडीजी एसडीआरएफ सुमित विश्वास द्वारा सहायक कमांडेंट सुरेश कुमार मेहरानियां को ऑपरेशन के सुपर विजन का दायित्व सौंपा गया। वे रेस्क्यू टीम तथा आपदा राहत उपकरणों के साथ दोपहर करीब 1.15 बजे घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। सिविल डिफेंस की टीम द्वारा रेस्क्यू के प्रयास किए जा रहे थे।
रेस्क्यू टीम के जवानों ने सबसे पहले स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर तीन एलएनटी तथा तीन जेसीबी मशीनों की सहायता से बोरवेल से 10 फीट की दूरी पर बोरवेल के समानांतर एक गड्ढे की खुदाई चालू की। इस दौरान समय-समय पर परिजनों की उपस्थिति में पानी भोजन तथा ऑक्सीजन की सप्लाई लगातार बालिका तक पहुंचाई गई। विक्टिम लोकेटिंग कैम्रर की सहायता से बच्ची पर पूर्ण निगरानी एवं
संपर्क बनाए रखा।
रेस्क्यू के दौरान करीब 6.15 बजे एनडीआरफ कि एक रेस्क्यू टीम सहायक कमांडेंट योगेश के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। उसके बाद तीनों टीमों ने स्वयं निर्मित देशी जुगाड़ की सहायता से संयुक्त ऑपरेशन किया। करीब 6.45 बजे रेस्क्यू टीम ने बोरवेल में गिरी 2 वर्षीय बच्ची अनीता को सकुशल जीवित बाहर निकालकर अस्पताल के लिए रवाना किया।
00