Home » पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने प्रदेश व्यापी स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया

पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे ने प्रदेश व्यापी स्वच्छता ही सेवा अभियान का शुभारंभ किया

by Bhupendra Sahu

जन जागरूकता के लिए स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना
सामूहिक श्रमदान से होगी गांवों में साफ -सफ़ाई

 रायपुर  कृषि,जल संसाधन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री मंत्री श्री रविंद्र चौबे ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश व्यापी स्वच्छता ही सेवा अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। मंत्री श्री चौबे ने इस मौके पर राज्य में जन जागरूकता के लिए स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया ।

जन जागरूकता के लिए स्वच्छता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

यह स्वच्छता रथ 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक राज्य में  स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हाट- बाजारों एवं गांवों का भ्रमण करेगा। इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन के संचालक श्री संजय अग्रवाल , जिला पंचायत रायपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री रवि मित्तल, सभी राज्य सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन  सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

सामूहिक श्रमदान से होगी गांवों में साफ -सफ़ाई
यहां यह उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी 15 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2022 तक ’स्वच्छता ही सेवा’ अभियान पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। इसका  उद्देश्य गांवों में स्वच्छता हेतु जनजागरूकता लाना है। स्वच्छता ही सेवा अभियान के अंतर्गत 15 सितम्बर  से 02 अक्टूबर 2022 तक सभी ग्रामों में जमा कूड़े कचरे को श्रमदान के माध्यम से सफाई की जायेगी। इसके अंतर्गत सार्वजनिक स्थलों की साफ-सफाई, सोकपिट का निर्माण, कम्पोस्ट पिट का निर्माण , प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्रीकरण, घर-घर कचरा एकत्रीकरण के लिए सामूहिक श्रमदान किया जाएगा, इसमे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों द्वारा बढ़ -चढ़ कर भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
गौरतलब है कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेस-2 के अंतर्गत प्रदेश में 1,14,871 व्यक्तिगत शौचालय, 9382 सामुदायिक शौचालय, 302 बायोगैस संयंत्र व 2 फिकल स्लज मैनेजमेंट सिस्टम की स्थापना की जा चुकी है। वहीं 5135 गांवों में कचरे का प्रबंधन व 6872 गांव में तरल अपशिष्ट का प्रबंधन का कार्य किया गया है जिससे अबतक 4193 गाव ओडीएफ प्लस हो चुके हैं।
स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत इस साल 8000 गांवों को ओडीएफ बनाने का लक्ष्य  है । स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत जिला मुख्यालय से लेकर गांवों तक विविध गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा तथा जो गांव को ओडीएफ प्लस श्रेणी में आ गए हैं, उन्हें ओडीएफ घोषित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More