रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर अब राज्य के ईडब्ल्यूएस वर्ग के विद्यार्थियों को अखिल भारतीय इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं के साथ साथ ष्ट्र/ष्टस् & ष्टरु्रञ्ज, हृष्ठ्र जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी। मुख्यमंत्री ने ई.डब्ल्यू. एस. वर्ग के विद्यार्थियों के परिवार की आर्थिक कठिनाईयों को समझते हुए संवेदनशील निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री बघेल ने संबंधित विभाग को अनुसूचित जाति, जनजाति, और अन्य पिछड़ा वर्ग के साथ-साथ ई.डब्ल्यू. एस. वर्ग के विद्यार्थियों के लिए कोचिंग की व्यवस्था करने के साथ ही कोचिंग में प्रवेश के लिए आवश्यक दिशा-निर्देंश जल्द तैयार करने के लिए भी कहा है। गौरतलब है कि राज्य में अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए के लिए पहले से ही अखिल भारतीय इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं आदि के लिए नि:शुल्क कोचिंग की व्यवस्था है। अब इस नई पहल के बाद ई. डब्ल्यू एस वर्ग के विद्यार्थियों को भी नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा मिलेगी।
आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 में राज्य के अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं ई.डब्लू.एस. वर्ग के कुल 400 छात्र-छात्राओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये नि:शुल्क कोचिंग सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। इसके तहत छात्र-छात्राओं को क्करूञ्ज, क्कश्वञ्ज, हृस्ञ्जश्व, छ्वश्वश्व द्वड्डद्बठ्ठ/ड्डस्र1ड्डठ्ठष्द्ग, ्रढ्ढढ्ढरूस्, हृश्वश्वञ्ज, ष्ट्र/ष्टस् & ष्टरु्रञ्ज, हृष्ठ्र जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु कोचिंग मिलेगी। छात्र-छात्राओं को इन परीक्षाओं के लिए कोचिंग रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग एवं भिलाई में प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थाओं के माध्यम से दिया जाएगा।
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