रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसढ़ी और आदिवासी संस्कृति को पहचान दिलाने अब सप्ताह में एक दिन स्कूलों में छत्तीसगढ़ी और आदिवासी बोली बोलने के लिए घोषणा की है।
इस बड़ी घोषणा में उन्होंने कहा क सप्ताह का एक दिन सभी स्कूलों में छत्तीसगढ़ बोली को रहेगा समर्पित आदिवासी बोली और छत्तीसगढ़ी भाषा को समर्पित रहेगा। साथ ही एक दिन भारतीय परंपरा एवं संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में संस्कृत में भी पढ़ाई होगी ताकि छात्र अंग्रेजी के साथ-साथ संस्कृत और अपनी स्थानीय बोली को भी सीख सकें।