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बच्चों की मानसिक स्थिति समझने शिक्षकों की कार्यशाला

by Bhupendra Sahu

रायपुर,। बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के उद्देश्य से राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) में स्वास्थ्य विभाग और निमहांस (नेशनल इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंस) बेंगलुरु के सहयोग से शिक्षकों के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । इस कार्यशाला में बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने के बारे में जानकारी दी गयी और बच्चों के व्यवहार को समझने के लिए मॉड्यूल बनाने के साथ साथ स्किल डेवलपमेंट के बारे में बताया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों में समय रहते मानसिक विकार की पहचान कर उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनके व्यवहार में परिवर्तन लाना है ।

कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य सेवाओं के संचालक नीरज बांसोड एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन संचालक भोस्कर विलासन राव संदीपन, के मार्गदर्शन में किया गया ।
इस सम्बन्ध में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम छत्तीसगढ़ के उप संचालक डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया: ‘Ó कार्यशाला का आयोजन मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत शिक्षकों के लिए किया गया जिसमें निमहांस बेंगलुरू द्वारा तकनीकी सहयोग प्रदान किया गया। कार्यशाला में बच्चों के मानसिक व्यवहार को समझने के लिए निमहांस के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
आगे उन्होंने कहा: कार्यशाला के माध्यम से बच्चों के व्यवहार को समझने के लिए मॉड्यूल बनाने पर भी समझ को बढ़ाने का प्रयास किया गया। इससे शिक्षक और बच्चों के मध्य व्यवहार प्रबंधन पर समझ को विकसित करने में मदद मिलेगी। साथ ही कार्यशाला के अगले चरण में शिक्षकों को गेट कीपर के रूप में भी प्रशिक्षित किया जाएगा। जिससे वह बच्चों के भीतर हो रहे मानसिक बदलाव को समझें और उसका बेहतर तरीके से हल भी बताएं ।
कार्यशाला में तकनीकी सहयोग दे रहे निमहांस बेंगलुरू के विशेषज्ञ डॉ. संजीव कुमार और के.सेखार ने बच्चों के मनोविज्ञान को समझना और उसके अनुरूप व्यवहार करने के बारे में बताया। उन्होंने जानकारी दी कि बच्चों में कभी-कभी अपने विषय पर समझ विकसित नहीं हो पाती जिसके कारण बच्चे डिप्रेशन या अवसाद में चले जाते हैं उस डिप्रेशन को समझना और उन्हें उस समस्या से बाहर निकालना एक शिक्षक का काम होता है उत्पन्न हुई समस्या को गतिविधि के माध्यम से कैसे दूर किया जा सकता है पर भी उन्होंने लोगों को विस्तार से बताया।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के अतिरिक्त संचालक डॉ. योगेश शिवहरे एवं उप संचालक डीपीआईजी आशुतोष चावड़े के सहयोग से कार्यशाला का आयोजन किया गया ।
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