नई दिल्ली । नागर विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को कहा कि यात्रियों, विमानों और हवाईअड्डों की संख्या के मामले में देश का नागर विमानन क्षेत्र अभूतपूर्व बढ़ोतरी दर्ज करने वाला है। उन्होंने दावा किया कि अगले पांच वर्षों में देश में यात्री विमानों की संख्या 1200 के पार होगी, जबकि हवाई यात्रियों की संख्या 40 करोड़ तक पहुंच जाने का अनुमान है।
सिंधिया ने अकासा एयर की सेवाएं शुरू होने के मौके पर कहा कि भारत में नागर विमानन क्षेत्र के इतिहास में यह एक बेहद अहम दिन है। विमानन कंपनी की पहली उड़ान मुंबई से अहमदाबाद के बीच रवाना हुई जिसे सिंधिया ने हरी झंडी दिखाई।
सिंधिया ने कहा, ‘‘बीते आठ साल में यह पहला मौका है जब भारत में कोई एयरलाइन शुरू हुई है। बीते लगभग दो दशकों में हम सभी ने सिर्फ यही सुना कि एयरलाइन कंपनी चलाना कितना कठिन है, आंतरिक रूप से भी उन्हें कई मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान सात एयरलाइंस बंद भी हो गईं।’’ उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस महामारी की वजह से नागर विमानन क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुआ था लेकिन अब यह फिर से सही रास्ते पर लौट आया है।
नागर विमानन मंत्री ने कहा कि अकासा एयर के शुरू होने, जेट एयरवेज के पुनर्सथापनमिलने और एयर इंडिया के फिर से खड़े होने से जो संकेत मिल रहे हैं वे एकदम स्पष्ट हैं कि यह एक बढ़ने वाला बाजार है। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा बाजार है जो एकदम सेहतमंद रहने वाला है।’’
सिंधिया ने कहा कि भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को मिलाकर 2027 तक 40 करोड़ हवाई यात्री हो जाएंगे। भारत में 2013-14 में हवाई यात्रियों की संख्या छह करोड़ और 2019-20 में करीब 20 करोड़ थी। मंत्री ने कहा, ‘‘इस तरह यात्रियों की संख्या के मामले में इन पांच वर्षों में करीब 250 फीसदी की वृद्धि देखने को मिली।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रति वर्ष 15 फीसदी यानी 100-110 विमान जोड़ते जाएंगे। 2027 तक भारत में लगभग 1,200 विमान होंगे। वर्ष 2030 तक हमारा लक्ष्य हवाईअड्डों की संख्या बढ़ाकर 220 तक पहुंचाने का है।’’