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रेडी टू ईट का मामला गरमाया, विपक्ष ने उठाये सवाल

by Bhupendra Sahu

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में आज भाजपा सदस्य सौरभ सिंह ने अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में रेडी टू ईट फूड की आपूर्ति के संबंध में महिला एवं बाल विकास मंत्री से सवाल किया कि उनके क्षेत्र में माह अप्रैल मई और 30 जून 2022 तक किस-किस आंगनवाड़ी केंद्र में कितनी मात्रा के रेडी टू ईट फूड की सप्लाई किस-किस एजेंसी द्वारा की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंडिया ने जानकारी दी कि अकलतरा विधानसभा क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट फूड की सप्लाई छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम द्वारा की गई। इस जवाब से असंतुष्ट भाजपा सदस्य सौरभ सिंह ने कहा कि रेडी टू ईट के तहत माह अप्रैल में आपूर्ति नहीं की गई है। पूरे प्रदेश में बच्चे कुपोषण से पीडि़त हैं तो महीने भर से सप्लाई क्यों नहीं हुई।

उन्होंने पूछा कि जांजगीर चांपा के 16 समूहों के लिए क्या कार्य व्यवस्था की गई है। मंत्री अनिला भेंडिया ने न्यायालयीन कारण का जिक्र किया तो भाजपा सदस्य सौरभ सिंह ने कहा कि जिन समूहों को काम देने कोई बंधन नहीं है वहां आपूर्ति प्रभावित क्यों है। मंत्री का कहना था कि जिन से अनुबंध हुआ है, वह वितरण कर रहे हैं। इस पर सौरभ सिंह ने कहा कि जिनके साथ अनुबंध नहीं हुए तो उसके पीछे ट्रांसपोर्ट की शर्तें हैं। ट्रांसपोर्ट की दर फ्लैट रेट पर नहीं होनी चाहिए। यह किलोमीटर के आधार पर होनी चाहिए क्योंकि कोई केंद्र कम दूरी पर है तो कोई केंद्र अधिक दूरी पर है। चर्चा के दौरान भाजपा सदस्य अजय चंद्राकर ने कहा कि भगवान ही मालिक है। रेडी टू ईट के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मंत्री स्वीकार कर रही हैं कि पिछले सत्र में दिया जवाब गलत था।

संसदीय कार्य मंत्री इस पर ध्यान दें। अजय चंद्राकर का कहना था कि अप्रैल में बच्चों को आहार नहीं मिला, यह गंभीर बात है। संसदीय समिति से जांच कराई जाए। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने बीज निगम पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि महिलाएं रेडी टू ईट चला रही थी तब तक ठीक था। अब सप्लाई क्यों नहीं हो रही। महिलाओं का हक छीन कर करोड़पति को काम दिया है। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि महिला बाल विकास मंत्री ने अजय चंद्राकर और सौरभ सिंह को उत्तर दिया है। इस पर शिवरतन शर्मा बोले कि गर्म भोजन गर्भवती महिलाओं के लिए होता है, बच्चों के लिए नहीं।

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