नई दिल्ली । प्रदूषण को कम करने और ईंधन खपत के मामले में ज्यादा कुशल वाहनों को पेश करने के मकसद से भारत सरकार ने वाहनों के लिए ईंधन खपत मानकों के पालन को अनिवार्य बनाने का फैसला किया है। सरकार ने इसे लेकर एक अधिसूचना भी जारी कर दी है। सरकार ने 1 अप्रैल, 2023 से भारत में निर्मित या आयातित विभिन्न श्रेणियों के हल्के, मध्यम और भारी वाहनों के लिए ईंधन खपत मानकों के पालन करने को अनिवार्य बनाने का प्रस्ताव किया है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 1 जुलाई 2022 को भारत में निर्मित या आयातित विभिन्न श्रेणियों के हल्के, मध्यम और भारी वाहनों के लिए ईंधन खपत मानकों-एफसीएस को लेकर अधिसूचना जारी की है। इस अधिसूचना के मुताबिक, भारत में निर्मित या आयातित विभिन्न श्रेणियों के हल्के, मध्यम और हैवी ड्यूटी मोटर वाहनों के लिए ईंधन खपत मानकों-एफसीएस के अनुपालन को शामिल करने के लिए केन्द्रीय मोटर वाहन नियम- सीएमवीआर 1989 के नियम 115 जी में संशोधन किया गया है। मोटर वाहन उद्योग मानक 149 में उल्लिखित उत्पादन की अनुकूलता की प्रक्रिया के अनुसार एफसीएस का निरंतर अनुपालन सत्यापित किया जाएगा।
इस अधिसूचना से पहले, वार्षिक ईंधन खपत मानक का अनुपालन 3.5 टन तक सकल वाहन भार के साथ एम1 श्रेणी के मोटर वाहनों (यात्रियों को ले जाने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला मोटर वाहन, जिसमें चालक की सीट के अलावा 8 से अधिक सीटें शामिल नहीं हैं) तक सीमित था। इस अधिसूचना का उद्देश्य एफसीएस के अनुपालन के लिए वाहनों के दायरे का विस्तार करना है, और इसलिए अधिक ईंधन कुशल वाहनों को पेश करना है।
सरकार द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि, इस अधिसूचना के लागू होने की तिथि 1 अप्रैल 2023 है। अधिसूचना जारी करने की तिथि से 30 दिनों के भीतर सभी हितधारकों से इस पर उनके सुझाव या टिप्पणियां मांगी गई है।
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