Home » छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष के दौरान 1.14 करोड़ से अधिक पौधों का होगा रोपण – वन मंत्री अकबर

छत्तीसगढ़ में चालू वर्ष के दौरान 1.14 करोड़ से अधिक पौधों का होगा रोपण – वन मंत्री अकबर

by Bhupendra Sahu

रायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा राज्य में चालू वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 01 करोड़ 14 लाख से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके साथ ही वन विभाग द्वारा चालू वर्ष के दौरान 01 करोड़ 67 लाख पौधों के वितरण का लक्ष्य भी रखा गया है। राज्य में वृक्षारोपण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए वन विभाग की समस्त 257 नर्सरियों में 3 करोड़ 12 लाख से अधिक पौधे वर्तमान में उपलब्ध हैं। वन विभाग द्वारा ’तुंहर पौधा तुंहर द्वार’ कार्यक्रम अंतर्गत सभी वनमण्डलों में पौध वितरण का शुभारंभ एक जुलाई से किया जाएगा।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने आज राजधानी के शंकर नगर स्थित अपने निवास कार्यालय से वर्चुअल बैठक में वृक्षारोपण कार्यक्रम के संबंध में विस्तार से समीक्षा की। बैठक में सचिव वन सुश्री आर. संगीता, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख राकेश चतुर्वेदी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) पी.व्ही. नरसिंग राव, प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी.सी. पाण्डेय, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक तपेश झा, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशीष भट्ट तथा कैम्पा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी व्ही.श्रीनिवास राव मौजूद थे। इसके अलावा समस्त मुख्य वन संरक्षक तथा वनमंडलाधिकारी भी वर्चुअल बैठक में जुड़े हुए थे।

वन मंत्री श्री अकबर ने बैठक में समस्त वन वृत्त तथा वनमंडलवार वृक्षारोपण कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध मंे जानकारी ली और इसे सफल बनाने के लिए सभी वनमंडलाधिकारियों को कार्य योजना पर समयबद्ध ढंग से अमल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य में वृक्षारोपण कार्य का सही ढंग से क्रियान्वयन हो, इसके लिए उन्होंने वन विभाग के समस्त अधिकारियों को मौका निरीक्षण सहित सतत निगरीनी रखे जाने के लिए सख्त निर्देश दिए। इनमें सभी डीएफओ को वृक्षारोपण के लिए गड्ढ़ों की खुदाई और जरूरत के मुताबिक पौधों का स्थल तक परिवहन आदि व्यवस्था को शीघ्रता से पूर्ण करने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि इसके सफल क्रियान्वयन के लिए वृक्षारोपण वाले चिन्हांकित जगहों पर नर्सरी से तैयार पौधों तथा आवश्यकतानुसार खाद आदि सामग्रियों को पहंुचाने का कार्य शीघ्रता से शुरू किया जाए। उन्होंने इस दौरान सड़क किनारे रोपित पौधों की सुरक्षा के उपायों के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More