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गहलोत ने बूंदी के रामगढ़ विषधारी को बाघ अभयारण्य के रुप में अधिसूचित करने पर जताई खुशी

by Bhupendra Sahu

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बूंदी जिले के रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को बाघ अभयारण्य के रुप में अधिसूचित करने पर खुशी जताई हैं। गहलोत ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि मुझे बताते हुए खुशी है कि बूंदी के रामगढ़ विषधारी को राजस्थान के चौथे टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया गया है। हमारी सरकार वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। यह श्रीमती इन्दिरा गांधी के कार्यकाल में शुरू हुए प्रोजेक्ट टाइगर की सफलता का एक और आयाम है।

उन्होंने देश और दुनिया के सैलानियों एवं वन्यजीव प्रेमियों को यहां घूमने के लिए आमंत्रित किया है। उधर इससे प्रदेश एवं बूंदी जिले के वन प्रेमियों में भी खुशी की लहर दौड़ गई। उल्लेखनीय है कि रामगढ़ विषधारी अभयारण्य को देश के 52वें बाघ अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (एनटीएीए) गजट नोटिफिकेशन जारी कर देश का 52वां एवं राजस्थान का चौथा बाघ अभयारण्य के तौर पर मंजूरी दी है। श्री गहलोत ने दो साल पहले बजट सत्र में बूंदी में चौथा बाघ अभयारण्य बनाने की घोषणा की थी।

वर्ष 1982 में बनाये गये रामगढ़ विषधारी वन्यजीव अभ्यारण के एक तरफ रणथंभौर है तो दूसरी तरफ मुकुंदरा बाघ अभयारण्य है। रामगढ़ विषधारी अभ्यारण्य में रामगढ़ विषधारी अभयारण्य में टाइगर टी-115 मौजूद हैं और इसके अलावा नीलगाय, सियार, हिरण, भालू, हाईना, जंगली कुत्ते, चीतल, सांभर, जंगली बिल्लियां, तेंदुए, लंगूर, सांप, मगरमच्छ सहित करीब पांच सौ प्रकार के वन्यजीव हैं।

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