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मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से जिले में मिल रहा है लाभ… कुपोषण को मात दे सेहतमंद हो रहे बच्चे,परिजनों की लौट रही मुस्कान

by Bhupendra Sahu

सूरजपुर। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान से जिले की महिलाएं और बच्चे कुपोषण से मुक्त हो रहे हैं। योजना के अंतर्गत दिए जाने वाले पौष्टिक आहार स्वादिष्ट होने के साथ महिलाओं और बच्चों को कुपोषण से मुक्ति भी दिला रहे हैं। इस संबंध में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने बताया कि । मैं अंजु सोनी ग्राम पंचायत झांसी की आ0बा0 कार्यकता हूँ मेरा सेक्टर बसदेई है – मेरे आंगनबाड़ी केन्द्र में एक बच्ची है। जिसका नाम बसन्ती है। उसके मम्मी-पापा पढ़े लीखे नही है। उसकी माँ का मायका बसदेई है। और वह मानसिक रोगी है।

जब वह चौथी बार गर्भवति हुई माह- मार्च 2020 में तब वह बसदेई चली गई और लॉक-डाउन होने के कारण वापस नहीं आ पाई जब वापस आई तो उसकी बच्ची बसंती 06 माह की थी और बहोत ही कमजोर एवं कुपोषित थी मेरे द्वारा उसकी माता से कई बार बच्ची को पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराने को बोला गया पर वह बोली की नही करूगी और बच्ची को ले कर वह बसदेई भाग गई, जब जुलाई 2021 में वजन त्यौहार मनाया गया उस समय उस बच्ची का वजन 4.3 कि0 ग्राम था उस समय उस बच्ची की उम्र 9 माह था, जब हमारी सुपरवाईजर मैडम दीपा बैरागी उस बच्ची को बसदेई में देखी तो उन्होने सेक्टर की तीन-चार कार्यकताओं का समुह बनाया और उन सभी को बोला कि आप लोग प्रितिदिन 3-4 बार बच्ची के घर जाकर उसे स्वयं के घर से खाना ले जाकर खिलाये, और हम सभी कार्यकर्ता प्रतिदिन बच्ची के घर जाकर उसे खाना खिलाया करती थी इसी दैरान लक्ष्य सुपोषण कार्यक्रम के तहत सुपोषण पाठशाला का आयोजन किया गया जिसमें बच्ची के घर सुपोषण पेटी दिया गया एवं बच्ची को प्रत्येक सोमवार, बुधवार एवं शुक्रवार को खीलाने के लिए चिक्की, मोरेंगा बार एवं अण्डा दिया गया जिसे कार्यकर्ता स्वयं जाकर बच्ची को खिलाया करती थी साथ हि उसकी माता को सुपोषण पाठशाला के माध्यम से स्वच्छता एवं भोजन की जानकारी दी गई तथा बच्ची को सुपोषण पाठशाला में आ0बा0 केन्द्र लाने पर भी चिक्की, मोरेंगा बार एवं के अण्डा के साथ-साथ अतिरिक्त पूरक पोषण आहार दिया गया। साथ ही बच्ची के स्वास्थ पर लगातार निगरानी रखने के लिए लक्ष्य सुपोषण कार्यक्रम के तहत ही चलाए जा रहे कार्यक्रम हेल्थ-फाइड़े कैम्प जो हर माह में प्रथम शुक्रवार तथा तृतीय शुक्रवार को आयोजित किया जाता है के माध्यम से बच्ची बसंती एवं उसकी माता का स्वास्थ्य जाँच कराया गया तथा दवाई विभाग के द्वारा उपल्बध कराई गयी आज बच्ची पूर्ण रूप से स्वस्थ है तथा उसका हिमोग्लोबिन – 10.9 एवं वजन – 7.8 कि0ग्राम है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा समय-समय पर पौष्टिक आहार लेने और स्वास्थ्य की देखभाल करने के लिए भी प्रेरित किया गया। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत दिए गए स्वास्थ्यवर्धक पौष्टिक आहार और स्वास्थ्य सलाह से उनके बच्चे कुपोषण से मुक्त हो चुके हैं।

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास चन्द्रबेश सिसोदिया ने बताया कि परियोजना सूरजपुर के झांसी में आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ता
सेक्टर बसदेई के द्वारा अतिरिक्त देखभाल एवं खान-पान पर विशेष ध्यान देने के लिए कहा गया। प्रतिदिन आंगनबाड़ी में आकर पौष्टिक भोजन व रेडी-टू-ईट का सेवन करने लगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा बताए अनुसार प्रतिदिन वह ऊपरी आहार के रूप में दिन में चार बार भोजन करने लगी। समय-समय पर पर्यवेक्षकों द्वारा गृह भेंटकर प्रसव पूर्व तैयारी एवं संस्थागत प्रसव कराने की भी सलाह दी गई। वजन कम होने के कारण वे कुपोषित हो गए थे। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते हुए बसंती के मां ने कहा कि मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा जो सुपोषण पाठशाला हेल्थ फ्राइडे का कार्यक्रम चलाए गया है उससे मेरे बच्चे को बहुत लाभ हुआ है और मेरी बच्ची सुपोषित हो गई है जिले के कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह महिला बाल विकास अधिकारी सी एस सिसोदिया एवं आंगनवाड़ी केंद्र की पर्यवेक्षक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को बहुत-बहुत बधाई हो जिन्होंने अपने प्रयासों से मेरी बच्ची के जतन हेतु मुझे प्रशिक्षित किया और मेरी बच्ची सुपोषित हुई।

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