नई दिल्ली। इथेनॉल की मांग में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, ईएसवाई 2019-20 में इथेनॉल का उत्पादन 173 करोड़ लीटर से बढ़कर अक्टूबर 2020 से सितंबर 2021 के दौरान 302 करोड़ लीटर हुआ। अधिकारियों ने कहा, इथेनॉल सम्मिश्रण में 62 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, यह ईएसवाई 2020-21 में 8.1 प्रतिशत रही, जो 2019-20 में सिर्फ 5 प्रतिशत थी। यह उत्पादन क्षमता इस साल 31 मार्च तक बढ़कर 849 करोड़ लीटर हो गई है।
वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान विभाग की इथेनॉल ब्याज सबवेंशन योजना के तहत नोडल बैंक नाबार्ड को 160 करोड़ रुपये जारी किए गए। चीनी उद्योग को समर्थन देने के लिए केंद्र ने कई योजनाबद्ध कार्य किए और चीनी मिलों को वित्तीय सहायता प्रदान की, जिससे किसानों का गन्ना बकाया चुकाया जा सके।
चीनी सीजन 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के लिए चीनी मिलों को निर्यात योजनाएं का फायदा दिया गया। बफर स्टॉक के निर्माण और रखरखाव के लिए इथेनॉल उत्पादन क्षमता में वृद्धि में मदद की गई। यही नहीं, चीनी मिलों को ऋण भी दिया गया।