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इन्फोसिस रूस से कारोबार समेटेगी, उम्मीद से कम हुआ मुनाफा, 16 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । भारत की दूसरी सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर सेवा कंपनी इन्फोसिस का एकीकृत शुद्ध मुनाफा बीते वित्त वर्ष 2021-22 की जनवरी-मार्च तिमाही में 12 फीसद बढ़कर 5,686 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कंपनी ने कहा कि वह रूस में अपने कारोबार को समेटकर वहां से निकलेगी। इसके साथ इन्फोसिस उन कंपनियों की सूची में शामिल हो गई है, जो यूक्रेन पर हमले के बाद रूस से बाहर निकल रही हैं। बेंगलुरु की कंपनी इन्फोसिस का शुद्ध लाभ इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5,076 करोड़ रुपये रहा था। शेयर बाजारों को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी आय 22.7 फीसद बढ़कर 32,276 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले इसी तिमाही में 26,311 करोड़ रुपये थी। सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी ने 2022-23 के लिए राजस्व में 13 से 15 फीसद वृद्धि की संभावना जताई है।

इन्फोसिस ने 2021-22 में वैश्विक स्तर पर 85,000 नये लोगों (फ्रेशर) को नौकरी दी। कंपनी चालू वित्त वर्ष में 50,000 नये लोगों को नौकरी देने की योजना बना रही है। हालांकि, कंपनी छोड़कर जाने वालों का फीसद मार्च तिमाही में 27.7 फीसद रहा। उद्योग में प्रतिभाओं की बढ़ती मांग और बदलते मांग परिवेश के साथ कंपनी छोड़कर जानों वालों का फीसद अधिक है। इन्फोसिस ने कहा कि वह फिलहाल रूस के अपने ग्राहकों के साथ कोई कारोबार नहीं कर रही है और न ही आने वाले समय उनके साथ काम करने की योजना है। इन्फोसिस के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक सलिल पारेख ने कहा, हम जो काम करते हैं वह हमारे कुछ वैश्विक ग्राहकों के लिए है जिनका रूस में संचालन है। रूस में हमारे पास 100 से कम कर्मचारी हैं। अपने ग्राहकों के साथ काम करते हुए, प्रक्रिया शुरू की है… हमने पहल की है कि हम उस काम में से कुछ को कैसे बदल सकते हैं और वह सब रूस के बाहर कैसे हो सकता है।

उन्होंने साफ कहा, हमारा फिलहाल रूस के किसी भी ग्राहक के साथ कोई कारोबार नहीं है। आने वाले समय में भी हमारी उनके साथ काम करने की कोई योजना नहीं है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन पर हमले के आदेश के बाद ब्रिटेन के वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने कंपनियों से देश का बहिष्कार करने का आह्वान किया था। उसके बाद इन्फोसिस का रूस में संचालन सवालों के घेरे में आ गया था। सुनक की पत्नी इन्फोसिस के सह-संस्थापक नारायण मूर्ति की बेटी अक्षता मूर्ति हैं।

वित्तीय परिणाम बाजार की उम्मीद के अनुरूप नहीं
यह पूछे जाने पर चौथी तिमाही के वित्तीय परिणाम बाजार की उम्मीद के अनुरूप नहीं है, पारेख ने कहा कि मात्रा के हिसाब से मजबूत वृद्धि हुई है लेकिन अनुबंध स्थि को लेकर ग्राहक संबंधित कुछ मुद्दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, आने वाले समय में हम कारोबार की गति अच्छी रहने की उम्मीद कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2021-22 की शुरुआत में कंपनी ने पूरे साल के दौरान स्थिर मुद्रा के संदर्भ में राजस्व में 12 से 14 फीसद वृद्धि का अनुमान जताया था। हालांकि, साल के दौरान अनुमान को बढ़ा दिया था। जनवरी में राजस्व में 19.5 से 20 फीसद वृद्धि रहने की संभावना जतायी गई थी।
16 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश
पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में इन्फोसिस का शुद्ध लाभ 14.3 फीसद बढ़कर 22,110 करोड़ रुपये रहा जबकि आय 21 फीसद बढ़कर 1,21,641 करोड़ रुपये रही। कंपनी के निदेशक मंडल ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए 16 रुपये प्रति शेयर का अंतिम लाभांश देने की सिफारिश की है। इसके साथ कुल लाभांश 2021-22 में 31 रुपये प्रति शेयर पहुंच गया है। यह 2020-21 के मुकाबले 14.8 फीसद अधिक है।
मुख्य वित्त अधिकारी निलंजन रॉय ने कहा, आने वाले समय में मजबूत मांग परिवेश के साथ, हम बिक्री, वितरण और नवोन्मेष क्षमता बढ़ाने में उचित दीर्घकालिक निवेश कर रहे हैं। साथ ही हम लागत अनुकूल बनाने के उपायों पर भी काम कर रहे हैं…यह मार्जिन अनुमान के रूप में दिख रहा है।
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