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शिवरीनारायण : माता शबरी की नगरी का बदला रूप, पर्यटकों के लिए बढ़ी यहां सुविधाएं, सीएम बघेल आज करेंगे लोकार्पण

by Bhupendra Sahu

रायपुर। भगवान राम से जुड़ी स्मृतियों को सहेजने प्रदेश सरकार ने राम वन गमन पर्यटन परिपथ परियोजना शुरू की। इसके पहले चरण में चुने गये 9 में से 2 स्थानों में पर्यटन सुविधाओं के विकास तथा सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो गया है। पहले मां कौशल्या धाम चंदखुरी के कार्य पूरे हुए। अब शिवरीनारायण में काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को इन सौंदर्यीकरण कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

शिवरीनारायण का मंदिर
छत्तीसगढ़ के प्रचीन नगर शिवरीनारायण को सरकार की योजना ने पूरी तरह संवार दिया है। महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम तट पर बसे शिवरीनारायण में 11 शताब्दी में हैह्य वंश के राजाओं ने मंदिर बनवाया था। शिवरीनारायण का महत्व रामायणकालीन होने की वजह से यह नगर श्रद्धालुओं के लिए भी ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ सरकार ने शिवरीनारायण का विकास करने का निर्णय लिया जो अब पूरा हो गया है।

लगभग 11वीं शताब्दी का ये मंदिर भगवान राम और लक्ष्मण की आस्था का बड़ा केंद्र है। सरकार ने इसका उन्नयन कराया है। मंदिर परिसर में भवन निर्माण किया गया है। इसके साथ ही नव निर्मित भवनों को भगवान राम की आस्था के अनुसार रंग रोगन किया गया है। मंदिर के दरवाजे कीर मरम्मत से लेकर दिया जलाने के लिए दीप स्तंभ बनाया गया है। लोगों की आस्था को देखते हुए यह सभी कार्य कराए गए हैं ताकि भगवान राम के दर्शन आसानी से हो सके।

रामायण इंटरप्रिटेशन सेन्टर एवं पर्यटक सूचना केन्द्र
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार प्रभु राम ने शबरी के जूठे बेर यहीं खाये थे और उन्हें मोक्ष प्रदान किया था। इन सारी बातों को जीवंत रूप देने के लिए मंदिर परिसर के बाहर रामायण इंटरप्रिटेशन सेंटर का निर्माण किया गया है। इंटरप्रिटेशन सेंटर के बाद स्थित दो वृक्षों के बीच में भगवान राम को जूठे बेर खिलाती हुयी माता शबरी की प्रतिमा स्थापित की गयी है। इसी जगह पर पर्यटकों के लिए सूचना केंद्र भी स्थापित किया जा रहा है जिससे आस-पास के पर्यटन क्षेत्रों की और जानकारी हासिल कर सकें।

घाट पर व्यू प्वाइंट का निर्माण
महानदी, शिवनाथ और जोंक नदी के संगम पर स्थित शिवरीनारायण को पर्यटकों के लिए और आकर्षक बनाने के लिए यहां पर नदी घाट का विकास किया गया है, साथ ही घाट के सौंदर्यीकरण से यहां श्रद्धालुओं को अब ज्यादा सहूलियत मिलने जा रही है। श्रद्धा के साथ ही ये संगम तट पर्यटन के लिए भी जाना जाए इसके लिए घाट पर व्यू प्वाइंट का निर्माण किया गया है जहां से पर्यटक अद्भुत नजारों को देख सकेंगे।

रोजगार के भी अवसर बढ़ेंगे
शिवरीनारायण का महत्व सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं बल्कि देश और विदेश में भी है। प्रतिवर्ष यहां पर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधाओं को बढ़ाते हुए यहां राज्य सरकार ने यहां पर मॉड्यूलर दुकानों का निर्माण कराया है। इन दुकानों को स्थानीय लोगों को आवंटित किया जाएगा जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो और शिवरीनारायण के स्थानीय लोग आर्थिक सशक्तिकरण की ओर बढ़ सकें।

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