Home » देवस्थल आस्था के केंद्र के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव : मुख्यमंत्री बघेल

देवस्थल आस्था के केंद्र के साथ-साथ सांस्कृतिक गौरव : मुख्यमंत्री बघेल

by Bhupendra Sahu
  • सिरहा, गुनिया, बैगा हमारे सांस्कृतिक दूत, इन्हें सहेजना आवश्यक
  • मुख्यमंत्री ने 104 करोड़ के 31 विकास कार्याे की दी सौगात

रायपुर, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में कदम-कदम पर स्थापित अनेकों शक्तिपीठों और मंदिरों कों आस्था का केंद्र के साथ सांस्कृतिक गौरव बताया। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के सातों जिलों के गांव-गांव में ऐसे अत्यंत प्राचीन मंदिर, प्राचीन प्रतिमाएं और प्राचीन परंपराएं बिखरी पड़ी है। इन प्राचीन वैभव को हमारे सिरहा, गुनिया, बैगा लोगों ने सहेज कर रखा है। वे सही मायने में हमारे सांस्कृतिक दूत हैं। उन्हीं के माध्यम से पुरखों का ज्ञान पीढ़ी-दर-पीढ़ी आगे बढ़ रहा है। बस्तर की संस्कृति को सहेजना और संवारना है तो हमें सिरहा-गुनिया-बैगा-मांझी के ज्ञान को सहेजना होगा। गांव में देवस्थलों से जुड़े आठ पहरिया और बाजा मोहरिया की पंरपराओं का संरक्षण करना जरूरी है। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज बस्तर विकासखण्ड मुख्यालय के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित सिरहा गुनिया सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।

सिरहा, गुनिया, बैगा हमारे सांस्कृतिक दूत, इन्हें सहेजना आवश्यक

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर बस्तर संभाग के कुछ जिलों की तहसीलों का क्षेत्र व्यापक होने के कारण दूरस्थ क्षेत्र के निवासियों को जाति, निवास, आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने तथा राजस्व प्रकरणों के निराकरण के मामले में असुविधा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने बस्तर जिले की बकावंड तहसील को राजस्व अनुविभाग, सुकमा जिले की छिन्दगढ़ तहसील को राजस्व अनुविभाग और बीजापुर जिले की आवापल्ली तहसील को राजस्व अनुविभाग तथा करपावंड को तहसील बनाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में जिला मुख्यालय सुकमा में शहीद गुण्डाधुर जी की प्रतिमा स्थापित करने, जिला दंतेवाड़ा के नवीन शासकीय महाविद्यालय कुआकोण्डा का नामकरण शहीद कवासी रोड़ापेदा के नाम से करने और जिला सुकमा के नवीन शासकीय महाविद्यालय तोंगपाल का नामकरण शहीद डेबरीधुर के नाम पर करने की घोषणा की। उन्होंने बकावंड में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल की भी मंजूरी दी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने लगभग 104 करोड़ रुपए के 31 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। साथ ही बस्तर और बकावंड विकासखण्ड के 151 जोड़ों को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत नव दाम्पत्य जीवन में प्रवेश करने पर आशीर्वाद दिया। कार्यक्रम में नगर पंचायत बस्तर के 11 हितग्राहियों को व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र प्रदान किया। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, सांसद श्री दीपक बैज, बस्तर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल, प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री संतराम नेताम, श्री विक्रम मंडावी, संसदीय सचिव श्री रेखचंद जैन, हस्तशिल्प विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री चंदन कश्यप, ऊर्जा विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री मिथलेश स्वर्णकार, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री एमआर निषाद सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में सिरहा-गुनिया व ग्रामीण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि इस वर्ष शासन ने बजट में देवगुड़ियों की सेवा करने वाले बैगा, गुनिया, मांझी और देवस्थल के आठ पहरिया तथा बाजा मोहरिया को राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत लाभ देने की घोषणा की गई है। इस योजना के अंतर्गत उन्हें 07 हजार रूपए की सालाना सहायता दी जाएगी। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा देवगुड़ियों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं। संभाग में लगभग चार हजार से अधिक देवगुड़ी हैं, जिनमें 2115 देवगुड़ियों के विकास हेतु कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इनमें 1261 देवगुड़ियों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इसके लिए लगभग 11 करोड़ 46 लाख रुपए से अधिक राशि खर्च की गई है। इस वित्तीय वर्ष में 10 करोड़ 98 लाख रुपए से अधिक का प्रावधान रखा गया है।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More