नईदिल्ली। इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने कल बालाघाट में इस्पात मंत्रालय की अनुसूची ए के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यम (सीपीएसई) मैंगनीज अयस्क (इंडिया) लिमिटेड (मॉयल) के कार्य-प्रदर्शन की समीक्षा की और मॉयल की भविष्य की योजनाओं को विस्तार से समझा। उन्होंने कंपनी द्वारा विशेष रूप से महामारी के समय में की गई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और भारत की घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कंपनी को प्रगतिशील विकास कार्य करने की सलाह दी।
आयुष विभाग के राज्य मंत्री राम किशोर कंवारे और बालाघाट से विधायक दलसिंह बिसेन भी कुलस्ते के साथ मॉयल के बालाघाट खदान में उपस्थित थे। मैंगनीज अयस्क (इंडिया) लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम.पी. चौधरी ने उनका स्वागत किया। कंवारे और बिसेन ने कोविड-19 दिशानिर्देशों के कारण 2 महीने तक काम नहीं कर पाने के बावजूद कंपनी के बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, मॉयल ने यह सुनिश्चित किया है कि शेष तिमाहियों में उत्पादन प्रभावित न होने पाए। उन्होंने कर्मचारियों एवं श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का निरीक्षण किया और नए वेतन समझौते के सफल कार्यान्वयन के बाद मॉयल कर्मचारियों तथा श्रमिकों के बीच प्रसन्नता का माहौल देखकर संतोष व्यक्त किया।
कुलस्ते ने भूमिगत खदानों का दौरा किया और विशेष रूप से बालाघाट के फेरो मैंगनीज संयंत्र का जायजा लिया। कंवारे ने नए संयंत्र की स्थापना के लिए राज्य सरकार को धन्यवाद दिया और अपना समर्थन व्यक्त किया जो मॉयल के विकास मार्ग में एक अतिरिक्त उपलब्धि है।