नई दिल्ली। 2020 में कोरोना का संक्रमन की दस्तक के साथ ही देश में इसे लेकर दहशत बन गई । दवा के बिना क्या कोरोना भाग पाएगा ऐसे सवाल हर एक शख्स के जेहन में थे। कोरोना का कहर बढ़ता गया इधर वैज्ञानिकों ने टीके की खोज तेज कर दी। फिर वह भी दिन आया जब देश में बनी वैक्सीन लगाने का दौर शुरू हुआ। 16 जनवरी 2021 को देश में टीकाकरण की शुरुआत हुई। आज इस स्वर्णिम अवसर को 1 बरस पूरे हो चुके हैं। इस दौरान देश में लोगों को 157 करोड़ से ज्यादा दोज दिए जा चुके हैं। 1 वर्ष में कोरोना टीकाकरण के लिहाज से यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।
स्वास्थ्य मंत्रालय से मिले आंकड़ों के अनुसार बीते 1 साल में अब तक 18 प्लस की 92 फ़ीसदी आबादी को पहली डोज लगाई जा चुकी है। यानी लगभग 87 करोड़ आबादी को देश में पहला डोज दिया जा चुका है। वहीं 65 करोड़ आबादी को दोनों डोज लग चुकी है। दोनों डोज लेने वालों की संख्या देश में 70 फ़ीसदी है। बीते 3 जनवरी से 15 से 18 वर्ष के किशोरों को भी टीकाकरण शुरू कर दिया गया। अब तक सवा तीन करोड़ से भी ज्यादा किशोरों का टीकाकरण हो चुका है। यानी लगभग 40 फ़ीसदी किशोरों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है।
देश में टीकाकरण की तेज रफ्तार यहीं नही रुकी। इस बीच हेल्थ वर्कर फ्रंटलाइन वर्कर को तीसरी खुराक भी दी जा रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया 10 जनवरी से शुरू हुए बूस्टर डोज कार्यक्रम तहत अब तक देश के 13 फ़ीसदी फ्रंटलाइन वर्कर्स को प्रिकॉशन डोज दिया जा चुका है। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में लगभग 11 करोड ऐसे लोग बचे हुए हैं जिन्होंने एक भी डोज नहीं ली है। वहीं 25 करोड़ से ज्यादा लोगों को दूसरी डोज दिया जाना है। 100 फ़ीसदी टीकाकरण की बात करें तो हिमाचल प्रदेश एक ऐसा राज्य है जहां सभी को को दोनों डोज लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि दोनों डोज लगने के बाद ही एंटीबॉडी तैयार होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। इसलिए सभी के लिए टीकाकरण अनिवार्य है।