नई दिल्ली । विदेशी बाजारों में तेजी तथा देशभर की मंडियों में तिलहनों की आवक काफी कम रहने के बीच बीते सप्ताह दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में लगभग तेल-तिलहनों के भाव में सुधार रहा।
बाजार सूत्रों ने कहा कि उत्पादन कम होने से मलेशिया में बाजार मजबूत हुआ है तथा वहां कच्चे पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन के दाम में क्रमश: लगभग 40 डॉलर और 50 डॉलर की वृद्धि की गई है। देश में ठंड की वजह से इन तेलों की मांग कमजोर है क्योंकि सर्दियों में ये हार्ड तेल जम जाते हैं। इसलिए इन तेलों का कारोबार बेपड़ता बैठता है। आयातकों को इन्हें मंगाने में प्रति किलो 2-3 रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। आयातकों को इन तेलों का खरीद भाव कहीं महंगा बैठता है जबकि इनकी बिक्री का दाम कम है।