नयी दिल्ली । केंद्रीय इस्पात मंत्री राम चंद्र प्रसाद सिंह ने गुरुवार को मैंगनीज ओर इंडिया लिमिटेड (एमओआईएल) के साथ मैंगनीज अयस्क के उत्पादन के विकास की समीक्षा की और इस सार्वजनिक उपक्रम को उत्पादन बढ़ाने तथा परियोजनाएं तेजी से पूरा करने के कदम उठाने के निर्देश दिए। मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि श्री सिंह ने एमओआईएल को मैंगनीज अयस्क के उत्पादन को प्राप्त पर्यावरण मंजूरी (ईसी) सीमा के स्तर तक बढ़ाने के लिए तत्काल कदम उठाने और बिना किसी और देरी के जारी परियोजनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बयान के मुताबिक एमओआईएल के अधिकारियों ने बताया कि देश में मैंगनीजअयस्क का कुल भंडार 930 लाख टन है, जिसमें से एमओआईएल का हिस्सा 330.14 लाख टन (लगभग 36त्न) है। मैंगनीज अयस्क के संसाधन दस राज्यों अर्थात् आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र,ओडिशा,राजस्थान और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में फैला है।
एमओआईएल अभी महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में मैंगनीज अयस्क निकालने का काम कर रहा है और इसने वर्ष 2020-21 के दौरान भारत के कुल उत्पादन के 24.8 लाख टन में से 11.43 लाख टन का उत्पादन किया।
राष्ट्रीय इस्पात नीति, 2017 के अनुसार,2030 तक कच्चे इस्पात की अनुमानित क्षमता 30 करोड़ टन वार्षिक तक पहुंचाने के लिए मैंगनीज अयस्क की आवश्यकता 65 लाख टन होगी। इसे देखते हुए एमओआईएल ने वर्ष 2029-30 तक अपने उत्पादन को 35 लाख टन तक बढ़ाने की योजना बनाई है।