Home » केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण का स्तर बढऩे पर स्कूल कॉलेज दोबारा बंद करने का लिया निर्णय

केजरीवाल सरकार ने प्रदूषण का स्तर बढऩे पर स्कूल कॉलेज दोबारा बंद करने का लिया निर्णय

by Bhupendra Sahu

नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली में प्रदूषण के स्तर बढऩे पर स्कूल कॉलेज और कोचिंग संस्थान समेत सभी शिक्षण संस्थान दोबारा से कल से बंद करने का निर्णय केजरीवाल सरकार ने लिया है।दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि सरकार प्रदूषण स्तर की क्लॉज मॉनिटरिंग कर रही है। सभी स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक / कोचिंग संस्थान, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान, अन्य प्रशिक्षण संस्थान, पुस्तकालय(सिवाय जहां परीक्षा आयोजित की जा रही है को छोड़कर) बंद कर दिया जाएगा । धूल प्रदूषण-वाहन प्रदूषण को लेकर सरकार दो महीने से अभियान चला रही है। दिल्ली के अंदर निर्माण- डिमोलिशन कार्य बंद हैं। दूसरे राज्यों से आने वाले ट्रक भी बंद है। लोगों से अपील है कि निजी वाहनों को छोड़कर ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक वाहनों से सफर करें।दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने आज प्रेस को संबोधित किया। गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली के अंदर काफी लंबे समय से स्कूल बंद थे। ऐसी संभावना दिख रह थी कि प्रदूषण के स्तर में सुधार होगा।

उसको देखते हुए ही स्कूल खोलने का निर्णय लिया गया था। लेकिन जो हालत दिख रहे हैं उसमें प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। सरकार इसको लेकर लगातार मॉनिटरिंग कर रही है। ऐसे में आज सरकार ने स्कूल-कॉलेज, कोचिंग संस्थान समेत सभी प्रशिक्षण संस्थान आदि दोबारा से बंद करने का निर्णय लिया है।गोपाल राय ने कहा कि एक्शन प्लान पर लगातार काम हो रहा है। धूल प्रदूषण, वाहन प्रदूषण को लेकर सरकार लगातार काम कर रही है। पिछले 2 महीने से हम लोग एंटी डस्ट अभियान चला रहे हैं। एयर क्वालिटी कमीशन की तरफ से नया आदेश नहीं आया है। हालांकि दिल्ली के अंदर पहले ही निर्माण और डिमोलिशन कार्य बंद है। दिल्ली के अंदर बाहर से जो ट्रक आते हैं, वह भी बंद है। दिल्ली सरकार को कोई निर्देश आता है तो उसको भी हम लागू करेंगे।गोपाल राय ने कहा कि सरकारी दफ्तरों के लिए विशेष बस की सुविधा शुरू की हुई है। जिससे की लोग निजी गाडिय़ां ना निकालें। मेट्रो-बसों की जितनी क्षमता है उतनी बढ़ाई जा चुकी है। लोगों से अपील है कि निजी वाहनों को छोड़कर ज्यादा से ज्यादा सार्वजनिक वाहनों से सफर करें। कोरोना के दौरान बस-मेट्रो में खड़े होकर सफर करने की अनुमति नहीं थी। अभी खड़े होकर भी सफर करने की अनुमति है। ऐसे में सार्वजनिक परिवहन से ज्यादा सफर करें। हमारी कोशिश है कि हम अपने हिस्से का प्रदूषण कम करें। ऑड-ईवन को लेकर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है।
००

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More