इंदौर । ओलंपिक गेम्स 2024 के लिए चलीफाई करने वाले पहलवानों का गेम्स से पहले ट्रायल होगा। ट्रायल में जीतने वाले पहलवानों को ही ओलंपिक खेलो में खेलने का मौका मिलेगा। इसके अलावा 2022 में होने वाली राष्ट्रीय चैम्पियनशिप के आयोजन को लेकर भारतीय कुश्ती संघ ने मेजबानी तय की है। भारतीय कुश्ती संघ की बैठक शुक्रवार को सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप नंदिनीनगर स्पोर्ट्स स्टेडियम नवाबगंज में हुई। संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिह की अध्यक्षता में बुलाई गई बैठक में ओलंपिक व राष्ट्रीय स्तर की चैम्पियनशिप को लेकर चर्चा की गई।
बहुचर्चित फिल्म दंगल में आमिर खान के गुरु रहे इंदौर के अर्जुन अवॉर्डी कोच कृपाशंकर बिश्नोई ने फेडरेशन के इस फैसले को कुश्ती के लिए फायदेमंद बताया। उन्होने बताया कि ओलंपिक 2024 का आयोजन पेरिस में होना है। निर्धारित कोटे के अनुसार ही ओलंपिक में पहलवानों को प्रतिभाग का मौका मिलता है। ओलंपिक के लिए चलीफाई करने वाले पहलवानों को काफी समय तक इंतजार भी करना पड़ता है। इस दौरान हर पहलवान के खेल में उतार-चढ़ाव भी आता हैं। संघ ने अच्छा प्रदर्शन करने वाले पहलवानों को ओलंपिक में खेलाने का फैसला किया है। इसके लिए अब चलीफाई करने वाले पहलवानों का ट्रायल होगा।
ओलंपिक चलीफाई करने वाले पहलवानों को मिलेगे दो मौके ओलंपिक चलीफाई करने वाला पहलवान यदि पहले ट्रायल में जीत गया तो उन्हें ओलंपिक खेलने का मौका मिलेगा। यदि चलीफाई करने वाला पहलवान ट्रायल मे हार गया तो उसे दोबारा फिर से ट्रायल देने का अवसर मिलेगा ।
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