Home » गांव में दूध की कमी ने अमीरचंद को बनाया सफल डेयरी उद्यमी : हर महीने 15 से 20 हजार रूपये कमाते हैं अमीरचंद… अन्य पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा के स्त्रोत बन रहे है… 

गांव में दूध की कमी ने अमीरचंद को बनाया सफल डेयरी उद्यमी : हर महीने 15 से 20 हजार रूपये कमाते हैं अमीरचंद… अन्य पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा के स्त्रोत बन रहे है… 

by Bhupendra Sahu

बलरामपुर  /  गांव में शुद्ध दूध की कमी और डेयरी उद्योग में असीम संभावनाओं कोे अवसर के रूप में लेते हुए विकासखण्ड रामचन्द्रपुर के भंवरमाल निवासी श्री अमीरचंद गुप्ता सफल उद्यमी बन अच्छी आमदनी कर रहे हैं। अमीरचंद बासमती डेयरी फार्म के संचालक व एक सफल उद्यम है जो निरंतर अपने डेयरी के विस्तार के लिए प्रयासरत् है। 70 वर्षीय ऊर्जावान अमीरचंद ने यह फार्म पशुधन विकास विभाग के राज्य उद्यमिता विकास योजना के सहयोग से स्थापित किया है। अमीरचंद बताते हैं कि वर्ष 2016 में उन्हें योजना के बारे में पता चला और उन्होंने डेयरी फार्म प्रारंभ करने का फैसला लिया। उम्र दराज होने के कारण पहले मुझे घर वालों ने डेयरी फार्म शुरू करने से मना किया, परन्तु मेरे गांव व घर में शुद्ध दूध की उपलब्धता हो सके और मैं आत्मनिर्भर बन सकूं, यही सोचकर मैंने नजदीकी पशु चिकित्सालय रामानुजगंज में डेयरी उद्यमिता विकास योजना की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और योजना का लाभ लेने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया।

योजना के अंतर्गत मैंने 12 लाख रूपए बैंक से लोन लिया, लोन मिलने के बाद मैंने योजना अनुरूप 1.5 लाख रूपए की लागत से 15 पशुओं के लिए आवास बनवाया, पानी की व्यवस्था हेतु बोर खनन तथा सबमरसिबल में कुल 1 लाख रूपए खर्च हुए। तत्पश्चात् 9 लाख रूपए में 15 भारतीय उन्नत नस्ल के गाय खरीदे और सभी गायों का बीमा कराया तथा योजना के अनुसार गोबर से वर्मी खाद बनाने के लिए 50 हजार रूपए की लागत से वर्मी टांका भी बनवाया।

इस प्रकार कुल 12 लाख की लागत से बासमती डेयरी फार्म की शुरूआत हुई। डेयरी फार्म कार्यशील होने पर डेयरी के भौतिक सत्यापन उपरांत योजनानुरूप मुझे अंशदान की राशि 6 लाख रूपये अर्थात् 50 प्रतिशत राशि पशुधन विकास विभाग बलरामपुर से प्राप्त हुआ। पहले ही साल फार्म से प्रतिदिन औसत 70 से 80 लीटर दूध उत्पादन होने लगा जिससे डेयरी संचालन खर्च, बैंक लोन का ईएमआई आदि चुकाने के बाद मुझे लगभग 10 से 12 हजार रूपए प्रति माह लाभ मिल रहा था। पशुधन विकास विभाग द्वारा डेयरी के गायों में किए गये कृत्रिम गर्भधान से उन्नत नस्ल के बछड़े एवं बछिया के होने से दूसरे एवं तीसरे साल से मुझे दूध के साथ-साथ बछड़े, बछिया एवं वर्मी खाद बेचकर आय प्राप्त हो रही है।

वर्तमान में 15 से 20 हजार रूपए प्रति माह शुद्ध आय प्राप्त हो रही है तथा मेरे पास गाय एवं बछिया मिलाकर कुल 24 पशु है। अमीरचंद पशुधन विकास विकास विभाग की योजना से लाभान्वित होकर एक सफल उद्यमी बन कार्य कर रहे हैं, साथ ही उन्हें घर वालों का पूरा सहयोग मिल रहा है। 70 वर्षीय ऊर्जावान अमीरचंद डेयरी फार्म के संचालक जिले के अन्य पशुपालकों के लिए भी प्रेरणा के स्त्रोत बनकर आगे आये हैं तथा अन्यों को भी प्रोत्साहित कर रहे है।

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