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गोदना शिल्प बनेगा आजीविका का साधन : मंत्री गुरु रूद्रकुमार

by Bhupendra Sahu

रायपुर । ग्रामोद्योग मंत्री गुरु रूद्रकुमार आज दुर्ग जिले के धमधा विकासखंड अंतर्गत ग्राम मोहंदी में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन समारोह में शामिल हुए। ग्राम मोहदी में 20 महिलाओं को 5 जुलाई से 4 अक्टूबर तक तीन माह का गोदना शिल्प में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण के दौरान सभी महिला शिल्पकारों को 1500 रूपए प्रतिमाह की दर से प्रति शिल्पी छात्रवृत्ति प्रदान की गई।

शिल्पकारों को प्रशिक्षण देने के लिए एक स्टेट अवार्डी प्रशिक्षक नियुक्त किया गया था। इस अवसर पर मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने कहा कि गोदना शिल्प लोगों के आजीविका का साधन बनेगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में ग्रामोद्योग ग्रामीणों के आजीविका का साधन बना है। राज्य सरकार शिल्प कला के संवर्धन और संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और शिल्पकारों को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। मंत्री गुरू रूद्रकुमार ने कार्यक्रम के दौरान सभी शिल्पकारों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ जनजातीय बाहुल्य राज्य है। सरगुजा और बस्तर अंचल की जनजातियों में गोदना अधिक देखने को मिलता है। वैसे हिन्दू धर्म में लगभग सभी जातियों में गोदना प्रथा आदिकाल से प्रचलित है। यह प्रथा धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, वैज्ञानिक और ऐतिहासिक तथ्यों से जुडी हुई है। हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा गोदना शिल्प को कपड़ों में उकेरा जा रहा है। जिसके लिए प्रशिक्षण देकर शिल्पकारों की कला को निखारा जा रहा है और उन्हें सीधे रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

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