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धन मेहनत से कमाया जा सकता है, लेकिन बडे़ बुजुर्गों का आशीर्वाद किस्मत वालों को मिलता है-मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया

by Bhupendra Sahu

दुर्ग  / विश्व वयोवृद्ध दिवस के अवसर पर आज आयोजित वरिष्ठ नागरिकों का सम्मेलन में प्रदेश की समाज कल्याण मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुई। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि धन, सम्पत्ति मेहनत से कमाया जा सकता है, लेकिन बड़े बुजुर्गो का आशीर्वाद मेहनत से नहीं कमाया जा सकता। बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद किस्मत वालों को ही मिलता है। श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा कि शासन द्वारा एक दिन वयोवृद्ध दिवस का आयोजन किया जाता है, लेकिन हमें रोज अपने-अपने घरों में यह दिवस मनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि माता-पिता और बड़े बुजुर्गों की चरणों में जीवन बिताना चाहिए। बड़े बुजुर्गों के सेवा से बड़ा और कोई त्यौहार नहीं हो सकता।

मंत्री श्रीमती भेड़िया ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि वृद्धाश्रम बनाना ही नहीं चाहिए। वृद्धाश्रम बनाने की नौबत नहीं आनी चाहिए। सभी लोगों को अपने-अपने बुजुर्गों की सेवा घर में ही करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के बदलते परिवेश में युवा वर्ग अपने माता-पिता और बड़े बुजुर्गों की सेवा नहीं करते हैं। ऐसे में वृद्धजनों की देखभाल के लिए शासन वृद्धाश्रम बनाता है यह दुखद बात है, इसकी नौबत नहीं आनी चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि किसी भी व्यक्ति को परिवार के साथ रहने में जो शांति, सुख और सकुन मिलता है वह बाहर आश्रम में नहीं मिलता है, इसलिए सभी लोगों का दायित्व है कि अपनी बड़े बुजुर्गों की सेवा घर में ही करनी चाहिए।
मंत्री श्रीमती भेड़िया ने आगे कहा कि वृद्धजन बरगद की पेड़ की तरह होते हैं जिसका छाया और आशीर्वाद हमेशा परिवार जनों को मिलता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ परिवार पर उनका छाया और आशीर्वाद बढ़ता जाता है। उन्होंने आगे कहा कि वृद्धजन में बहुत हौसला और धैर्य होता है। वृद्धजनों से जीवन में सीखने को मिलता है जिसका अनुसरण कर हम अपना जीवन धन्य कर सकते हैं। वृद्धजन अनेक क्षेत्र में उत्कृष्टता का परिचय देते हैं। आज इस सम्मेलन में वृद्धजनों का हौसला और कौशल देखने को मिला है।
इस अवसर पर जिला पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी यादव ने कहा कि वृद्धजन परिवार के लिए धरातल का काम करते हैं। वृद्धजन समाज को स्थापित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजन जब तक मजबूत होते हैं तब तक परिवार को सहारा देने का काम करते हैं। परिवार पर अपना आशीर्वाद मार्गदर्शन बनाए रखते हैं। वृद्धजन अनुभवी होते हैं और हमें प्रेरणा देने का काम करते हैं उनके द्वारा बताए अनुभव व मार्गदर्शन को हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए। बजुर्गों का आशीर्वाद जैसे-जैसे बढ़ता जाता है वैसे ही उनका स्नेह प्यार पर बढ़ता जाता है। बुजुर्गों के बिना घर अधुरा होता है।
सिविल लाईन स्थित गोंडवाना भवन में वृद्धजनों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण, वृद्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सम्मेलन में 500 से अधिक वृद्धजनों का निः शुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें समस्या अनुसार उपचार व दवाईयां उपलब्ध कराया गया। वृद्धजनों के लिए यहां संगीत, स्पर्धा, खेल स्पर्धा का आयोजन भी किया गया था। खेल स्पर्धा में तेज चाल, खुर्सी दौड और पैदल चाल का आयोजन किया गया था। जिसमें विजेता वृद्धजनों को शाल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही समारोह में शामिल सभी वृद्धजनों को नारियल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले, संचालक श्री पी.दयानंद सहित विभागीय अधिकारी व बड़ी संख्या में वृद्धजन उपस्थित थे।

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