Home » पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी ने अपनी दूरदर्शिता से रखी आधुनिक भारत के विकास की नींव: भूपेश बघेल

पूर्व प्रधानमंत्री श्री राजीव गांधी ने अपनी दूरदर्शिता से रखी आधुनिक भारत के विकास की नींव: भूपेश बघेल

by Bhupendra Sahu
  • भारतरत्न श्री राजीव गांधी की जयंती पर मुख्यमंत्री ने उन्हें किया याद

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न और आधुनिक भारत के स्वप्न दृृष्टा स्वर्गीय श्री राजीव गांधी की 20 अगस्त को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री बघेल ने श्री राजीव गांधी की जयंती की पूर्व संध्या पर आज यहां जारी अपने संदेश में उनको याद करते हुए कहा है कि सहज और सरल स्वभाव के राजीव जी का गरियाबंद जिले के आदिवासी अंचल कुल्हाड़ीघाट में 1985 का संक्षिप्त प्रवास आज भी छत्तीसगढ़ वासियों की यादों में बसा है। इसी समय उन्होंने धमतरी जिले के दुगली की यात्रा की, जिसे अब राजीव ग्राम के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों में घुल-मिल जाना उनके सहज व्यक्तित्व का परिचायक है। उन्होंने कहा कि श्री राजीव गांधी ने भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। उन्होंने 21वीं सदी के आधुनिक भारत का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए कई क्रांतिकारी फैसले लिए। उनकी दूरदर्शी और नवीन सोच के कारण भारत में ई-प्रशासन, सूचना प्रौद्योगिकी का विकास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती और लोकतंत्र को सृदृढ़ बनाने में युवाओं की सशक्त भागीदारी संभव हो सकी।

श्री बघेल ने आधुनिक भारत के निर्माण में राजीव गांधी जी के अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि राजीव जी ने सत्ता के विक्रेन्द्रीकरण के उद्देश्य से पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों को भी अधिक अधिकार देकर देश की नींव को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शासकीय काम-काज में पारदर्शिता के लिए उन्होंने देश में कम्प्यूटर और सूचना क्रांति की नींव रखी, जिसके जरिए ई-प्रशासन के माध्यम से आमजन तक शासकीय योजनाओं की आसान पहुंच सुनिश्चित हुई। उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए युवाओं को 18 साल में मतदान का अधिकार दिलाया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में राजीव गांधी जी के गरीबी उन्मूलन तथा आत्मनिर्भर भारत निर्माण के दृष्टिकोण को अपनाया है। श्री राजीव गांधी का मानना था किसानों और ग्रामीणों की आर्थिक दशा मंे सुधार के बिना भारत का नव निर्माण संभव नहीं है। उनके बताए रास्ते पर चलते हुए राज्य सरकार ने गरीबों, किसानों, आदिवासियों सहित सभी वर्गों के लोगों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम और योजनाएं शुरु की हैं। किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ शुरु की गयी है। सरकार ने खरीफ सीजन 2021 से इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए इसमें धान के साथ-साथ अन्य खरीफ फसलों को शामिल किया है। इसके साथ ही राज्य के ग्रामीण अंचल के भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक मदद देने के लिए राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के तहत ग्रामीण अंचल के ऐसे परिवारों को 6000 रूपए प्रतिवर्ष दिए जाएंगे, जिनके पास खेती की जमीन नहीं है और वे मनरेगा या कृषि मजदूरी से जुड़े है। राज्य सरकार ने किसानों की बेहतरी के लिए कर्जमाफी, सिंचाई कर की माफी जैसे कई अहम कदम भी उठाए हैं। सत्ता के विकेन्द्रीकरण के लिए कई जिलों और तहसीलों का निर्माण किया है।
गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के और ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने सुराजी गांव योजना शुरू की है। गांवों में गौठानों में पशुधन संवर्धन के साथ साथ रोजगार मूलक गतिविधियां शुरू की गई है। महिला समूहों को इन रोजगार मूलक गतिविधियों से जोड़कर उनको आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इन गौठानों में गोबर खरीदी के लिए ‘गोधन न्याय योजना’ संचालित की जा रही है। देश में पहली बार दो रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। यही नहीं वनवासियों के द्वारा संग्रहित लघु वनोपजों की खरीदी व्यवस्था, व्यक्तिगत और सामुदायिक वन अधिकार पत्रों का वितरण, ‘तेंदूपत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना जैसी कल्याणकारी योजनाएं प्रारंभ की गई है। श्री बघेल ने कहा कि राजीव जी ने भारत में समावेशी विकास का जो सपना देखा था, उसे पूरा करना ही राजीव जी को हम सभी की सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More