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ग्रामीण अर्थव्यवस्था के स्वावलंबन के लिए सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने की जरूरत : भूपेश बघेल

by Bhupendra Sahu
  • मानपुर और मुढ़ीपार सहकारी बैंक भवन का निर्माण 36-36 लाख रूपए की लागत से करने की घोषणा

रायपुर । मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा है कि सहकारी बैंक से किसानों की बड़ी उम्मीद हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को स्वावलंबी बनाने के लिए सहकारिता आंदोलन के विस्तार और इसे और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता है। किसानों के साथ-साथ मजदूरों, गौपालकों, वनांचल के आदिवासी भाई-बहनों को भी सहकारी बैंकों से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे उन्हें भी बैंक की सुविधाओं का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री आज यहां अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नवाज खान के पदभार ग्रहण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने बैंक के अध्यक्ष श्री खान को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राजनांदगांव जिले के वनांचल के गांव मानपुर और मुढ़ीपार (खैरागढ़) में सहकारी बैंक के भवन निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सहकारी बैंक के भवन का निर्माण 36 लाख रूपए की लागत से किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन राजनांदगांव के पद्मश्री गोविन्द राम निर्मलकर ऑडिटोरियम में किया गया।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाड़ी का नारा दिया है, सुराजी गांव योजना के अंतर्गत पशुओं के लिए गौठानों का निर्माण किया गया है, जहां महिला स्व-सहायता समूह की महिलाएं गोधन न्याय योजना के अंतर्गत खरीदे गए गोबर से वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट का निर्माण कर रही हैं। अब तक समूहों द्वारा तैयार किए गए लगभग 9 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट की बिक्री की जा चुकी है, जिसका उपयोग बड़ी संख्या में किसान कर रहे हैं। वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करने वाले किसानों का कहना है कि वर्मी कम्पोस्ट के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की मांग के अनुरूप केन्द्र द्वारा रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति नहीं होने के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार इनकी आपूर्ति के लिए लगातार प्रयास कर रही है। श्री बघेल ने कहा कि किसान ज्यादा से ज्यादा वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग कर जैविक खेती की ओर बढ़ें, जैविक खेती से मिलने वाले कृषि और उद्यानिकी उत्पाद तथा अनाज स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टि से किसानों के लिए लाभप्रद होंगे। जैविक उत्पादों का डेढ़ से दोगुना दाम बाजारों में मिल रहा है। लोग भी जैविक उत्पादों का उपयोग करने लगे हैं।
जिला सहकारी केंद्रीय बैंक राजनांदगांव के नवनियुक्त अध्यक्ष श्री नवाज खान ने इस अवसर पर कहा कि राज्य शासन ने जिस अपेक्षा के साथ उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है, उसे वे पूरी कर्तव्य निष्ठा के साथ पूरा करने का प्रयास करेंगे। सहकारी बैंक के माध्यम से राज्य सरकार की योजनाओं को गांवों-गांवों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री दीपक बैज और राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम मुख्यमंत्री निवास में और छत्तीसगढ़ सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री बैजनाथ चंद्राकर, राज्य पिछड़ा वर्ग प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री दलेश्वर साहू, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री भुवनेश्वर शोभाराम बघेल, विधायक श्री इंदर सिंह मंडावी, श्री देव्रत सिंह और श्रीमती छन्नी साहू, छत्तीसगढ़ अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री धनेश पाटिला सहित अनेक जनप्रतिनिधि राजनांदगांव में उपस्थित थे।

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