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मातृशक्ति के भाग्य और भविष्य को लेकर होगा महत्वपूर्ण फैसला : सरोज पाण्डेय

by Bhupendra Sahu

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) सरोज पाण्डेय ने सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारत के लोकतंत्र में एक क्रांतिकारी कदम है। इस क्रांतिकारी कदम को उठाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त कर डॉ. सुश्री पाण्डेय ने कहा कि बहुत-से दल इससे पहले भी यह विधेयक लेकर आए। कभी किसी ने एक सदन में पारित किया तो दूसरे सदन में उसको रखने की हिम्मत नहीं जुटा पाए।

 

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) पाण्डेय ने कहा कि महिलाओं को केवल वोट बैंक के तौर पर तमाम राजनीतिक दलों ने देखा, लेकिन उनका अधिकार किसी ने नहीं दिया। देश की आधी आबादी को उनका अधिकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिया है एवं सबके विकास में महिलाओं को भी जोड़ा। डॉ. सुश्री पाण्डेय ने कहा कि लोकतंत्र में महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में 33 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर प्रधानमंत्री श्री मोदी ने नारीत्व का जो सम्मान किया है, उसके लिए देश की सभी बहनें प्रधानमंत्री श्री मोदी को बहुत साधुवाद देती हैं कि उन्होंने इतनी ताकत के साथ भारत की संसद में इस अधिनियम को रखा है। जब इस अधिनियम को संसद के पटल पर रखा गया तब परिस्थितियाँ सकारात्मक नहीं थीं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 2029 में यह बिल लागू हो, उस दिशा में कार्य किया और अभी उस पर संशोधन आ रहा है। आने वाले समय में विधानसभा और लोकसभा में संशोधन के साथ यह बिल पारित होगा 33 प्रतिशत आरक्षण के साथ। महिलाओं ने देश में बहुत बेहतर काम किया।

 

भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. (सुश्री) पाण्डेय ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री श्री मोदी ने की, जिसका सकारात्मक परिणाम आया है। आज महिलाएं नीति-निर्धारक भी हैं, केवल नीति के लाभार्थी नहीं हैं। महिलाएं अब नीति बनाएंगी। जब महिलाएं सदन में बड़ी संख्या में बैठेंगी तो सकारात्मक परिणाम आएगा, जो भारत की राजनीति को परिवर्तित करेगा।

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