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नक्सल प्रभाव से विकास की ओर बढ़ता ग्राम हेटारकसा

by Bhupendra Sahu

रायपुर बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के खात्मे के बाद हो रहा सर्वांगीण विकास है। यह पहल लाल आतंक के साये को मिटाकर शांति, विश्वास और विकास की एक नई कहानी लिख रही है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन एवं राज्य शासन के समन्वित प्रयासों से अब ग्राम हेटारकसा के 63 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाए जा चुके हैं। दो सोलर पंप आधारित जल टंकियों के माध्यम से प्रत्येक घर में नियमित रूप से स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों के जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।

कभी नक्सल गतिविधियों के कारण विकास से अछूता रहा उत्तर बस्तर कांकेर जिला के कोयलीबेड़ा विकासखंड का ग्राम हेटारकसा आज बदलाव और विकास की नई मिसाल बनकर उभर रहा है। जहां पहले सड़क, संचार एवं मूलभूत सुविधाओं तक पहुंच अत्यंत कठिन थी, वहीं अब शासन के नक्सल उन्मूलन अभियान और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से गांव में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

विगत वर्षों में नक्सल प्रभाव एवं दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इस क्षेत्र में विकास कार्यों का क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण रहा। विशेष रूप से पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी ग्रामीणों को उपलब्ध नहीं हो पाती थी। गांव के लोग कुओं एवं नालों पर निर्भर थे और गर्मी के दिनों में पानी के लिए उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

हेटारकसा ग्राम निवासी श्री राजनाथ पोटाई ने बताया कि पूर्व में पानी लाने के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था, जिससे समय एवं श्रम दोनों की हानि होती थी। अब घर पर ही पानी उपलब्ध होने से दैनिक जीवन काफी सहज और सुविधाजनक हो गया है। वहीं ग्राम की महिला श्रीमती सविता बेन ने बताया कि पहले दिन का अधिकांश समय पानी लाने में व्यतीत हो जाता था, किंतु अब नल-जल सुविधा मिलने से उन्हें राहत मिली है और वे अन्य कार्यों में समय दे पा रही हैं।

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