Home » सायरा बानो बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल : दिव्यांगता के बावजूद ई-रिक्शा चलाकर कमा रहीं सम्मानजनक आजीविका

सायरा बानो बनीं आत्मनिर्भरता की मिसाल : दिव्यांगता के बावजूद ई-रिक्शा चलाकर कमा रहीं सम्मानजनक आजीविका

by Bhupendra Sahu

धमतरी  धमतरी जिले की सायरा बानो ने यह साबित कर दिया है कि यदि मन में दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मसम्मान के साथ आगे बढ़ने का जज़्बा हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं। शारीरिक दिव्यांगता और अत्यंत गरीब पारिवारिक स्थिति के बावजूद सायरा बानो आज आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभरी हैं। कल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है ।
सायरा बानो पहले बेहद आर्थिक तंगी में जीवन यापन कर रही थीं। रोजगार के अभाव के कारण उनके लिए दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना भी एक बड़ी चुनौती बन गया था। ऐसे समय में उन्होंने हार मानने के बजाय आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया और रोजगार के लिए जिला प्रशासन से मदद की अपील की।
सायरा बानो की परिस्थितियों और उनके आत्मनिर्भर बनने के जज़्बे को देखते हुए कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने उनकी समस्या को गंभीरता से लिया और उन्हें बड़ौदा आरसेटी, धमतरी में ई-रिक्शा संचालन का प्रशिक्षण दिलाने की व्यवस्था की। प्रशिक्षण के दौरान सायरा बानो ने पूरी लगन और मेहनत से ई-रिक्शा चलाने की तकनीक सीखी। इसके साथ ही उन्हें स्वरोज़गार से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई तथा पुलिस विभाग द्वारा यातायात नियमों की भी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद समाज कल्याण विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से सक्षम प्रोजेक्ट के अंतर्गत सायरा बानो को ई-रिक्शा उपलब्ध कराया गया।

आज सायरा बानो धमतरी शहर में आत्मविश्वास के साथ ई-रिक्शा चलाकर अपनी आजीविका कमा रही हैं। इस कार्य से उन्हें प्रतिदिन लगभग 300 से 500 रुपये तक की आय हो रही है, जिससे वे अपने जीवन की आवश्यकताओं को सम्मानपूर्वक पूरा कर पा रही हैं।

कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि यदि लाभार्थी दृढ़ संकल्प और मेहनत के साथ आगे बढ़ें, तो वे अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
सायरा बानो की यह सफलता की कहानी न केवल दिव्यांगजनों के लिए प्रेरणादायी है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियाँ कभी भी आगे बढ़ने की राह में बाधा नहीं बन सकतीं, यदि व्यक्ति के भीतर आगे बढ़ने का साहस और संकल्प हो।

Share with your Friends

Related Articles

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More